शनिवार, 21 जून, 2008 को 08:06 GMT तक के समाचार
मुंबई के मुलुंड इलाक़े में डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों और सिखों के बीच झड़पें और फ़ायरिंग हुई है जिसमें एक व्यक्ति मारा गया है और कुछ लोग घायल हो गए हैं.
इसके बाद शनिवार को सिखों ने कुछ इलाक़ों में बंद बुलाया है जिसमें हिंसक प्रदर्शन हुए हैं और कई बसों को क्षति पहुँची है. मुंबई के कई इलाक़ों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं.
बीबीसी उर्दू सेवा की रेहाना बस्तीवाला के अनुसार ये घटना शुक्रवार रात को हुई जब डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राह रहीम सिंह अपने समर्थकों और गार्ड्स के साथ मुलुंड के एक शॉपिंग मॉल से बाहर निकल रहे थे.
उस समय अनेक सिख शॉपिंग मॉल के बाहर एकत्र हो गए और नारेबाज़ी करने लगे. इसके बाद सिखों और डेरा प्रमुख के समर्थकों के बीच बहस छिड़ गई जो जल्द ही झड़पों में तब्दील हो गई.
इतना ही नहीं, फ़ायरिंग भी हुई और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डेरा प्रमुख के एक गार्ड की फ़ायरिंग के कारण 47 वर्षीय सिख बलकार सिंह को गोली लगी और उनकी बाद में मौत हो गई. लेकिन इसकी स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं हो पाई है.
इस पर सिखों की भीड़ और भड़क गई और ज़ोरदार प्रदर्शन होने लगे. महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने इस घटना की जाँच के आदेश दिए हैं.
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को ये जाँच सौंपी गई है. डेरा प्रमुख के एक गार्ड को गिरफ़्तार किया गया है.
हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़
ग़ौरतलब है कि पिछले साल पंजाब के कुछ अख़बारों में हरियाणा के सिरसा स्थिति डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह की एक तस्वीर छपी थी.
इसमें उन्हें सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह की वेशभूषा में दिखाया गया था जिसका सिख समुदाय ने विरोध किया था. पंजाब और हरियाणा में हिंसक प्रदर्शन हुए थे और कुछ लोग मारे भी गए थे.
तब से डेरा समर्थकों और सिखों के बीच संबंध अच्छे नहीं रहे हैं.
बीबीसी उर्दू की संवाददाता रेहाना बस्तीवाला के अनुसार ताज़ा घटना के बाद डेरा प्रमुख, उनके समर्थक और गार्ड्स किसी तरह से मुलुंड से निकलने में सफल रहे.
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी केएल प्रसाद ने बीबीसी को बताया, "डेरा प्रमुख के समर्थकों को मुंबई से लगभग सौ किलोमीटर दूर खपोली के पास रोका गया और पूछताछ की गई. इस संबंध में एक गार्ड सुखदेव सिंह को गिरफ़्तार किया गया है. इस घटना में कई राउंड फ़ायरिंग हुई है."
शनिवार को मुंबई के सिख आबादी वाले कुछ इलाक़ों - सायन, बांडुप, मुलुंड, चेंबूर में बंद बुलाया गया है.
लेकिन उप मुख्यमंत्री आरआर पाटिल से मुलाक़ात न कर पाने की वजह से नाराज़ सिखों ने पुलिस नाके तोड़ दिए, एक पुलिस स्टेशन में जबरन दाख़िल हो गए और दुकानें भी बंद करवा दीं.
कई बसों को भी क्षति पहुँचाई गई और कुछ निजी वाहनों को भी नुक़सान हुआ है.
इन इलाक़ो में डंडे, हॉकियाँ और तलवारें लिए सिखों को प्रदर्शन करते और नारे लगाते देखा जा सकता है. इन जगहों पर स्थिति ख़ासी तनावपूर्ण बनी हुई है.