गुरुवार, 19 जून, 2008 को 18:30 GMT तक के समाचार
भारत के पूर्वी राज्यों में भारी बारिश से आई बाढ़ के कारण अब तक 35 लोग मारे गए हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं. राहत कार्यों में सेना को लगाया गया है.
पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में स्थिति ज़्यादा ख़राब है. इन दोनों राज्यों में राहत और बचाव कार्य के लिए वायुसेना की मदद ली जा रही है.
पश्चिम बंगाल में पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर ज़िले में पिछले दो दिनों के भीतर 700 मिलीमीटर बारिश हुई है.
इसके कारण स्वर्णरेखा नदी उफ़ान पर है और नए-नए इलाक़े बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं. अनुमान के मुताबिक मिदनापुर में लगभग साढ़े तीन लाख लोग फँसे हुए हैं.
नारायणगढ़ और पिंगला में वायुसेना के हेलिकॉप्टर भोजन सामग्री गिरा रहे हैं. वायुसेना ने पिछले चौबीस घंटों के भीतर 124 ऐसे लोगों को बचाया है जो बाढ़ में फँसे हुए थे.
कोलकाता स्थित बीबीसी संवाददाता के मुताबिक पश्चिम बंगाल में बाढ़ के कारण नौ लोगों की मौत हुई है जबकि असम में 12 लोग मारे गए हैं.
उड़ीसा
उड़ीसा के बालासोर यानी बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज ज़िले बाढ़ से प्रभावित हैं.
राज्य के 850 गाँवों का संपर्क शेष हिस्से से टूट गया है और यहाँ रहने वाले दस लाख लोग प्रभावित हैं.
सड़कें टून जाने के कारण प्रभावित इलाक़ों में राहत सामग्री पहुँचाने में दिक्कत आ रही है.
राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने बताया है कि वायुसेना के दो हेलिकॉप्टर शुक्रवार से राहत कार्यों में लग जाएंगे.
मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान और बारिश होने की संभावना जताई है.
झारखंड में भी अचानक आई बाढ़ ख़तरनाक होती जा रही है और राज्य सरकार ने बाढ़ की स्थित से निपटने के लिए सेना की मदद माँगी है.
झारखंड में लगभग ढाई हज़ार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का हवाई दौरा किया है.