बुधवार, 18 जून, 2008 को 07:40 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य अधिकारियों का कहना है कि तालेबान विद्रोहियों को कंधार के बाहरी इलाक़े से भगाने के लिए उन्होंने एक अभियान चलाया है.
वहाँ से प्राप्त हो रही प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच मामूली झड़पें और गोलीबारी हुई है.
अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के एक प्रवक्ता मार्क लेटी ने कहा है कि गठबंधन के सैनिक भी इस अभियान में भाग ले रहे हैं.
उनका ये भी कहना है कि इस अभियान का नेतृत्व अफ़ग़ानिस्तान और कनाडा के सैनिक कर रहे हैं.
सैनिकों की मौत
उधर एक अन्य घटना में अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत में एक धमाके में चार ब्रितानी सैनिक मारे गए हैं. माना जा रहा है कि मरने वाले सैनिकों में एक महिला शामिल हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने मारे गए सैनिकों की 'बहादुरी, समर्पण और पेशेवर अंदाज़' की सराहना की.
वर्ष 2001 से लेकर अभी तक अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए ब्रितानी सैनिकों की संख्या 106 हो गई है.
मारे गए सैनिकों के परिवार जनों को इस घटना की सूचना दे दी गई है.
पलायन के बाद झड़पें
मार्क लेटी का कहना था, "हम कुछ सीमित सी ही जानकारी दे सकते हैं क्योंकि फ़िलहाल ये अभियान चल रहा है. अब तक मिल रही रिपोर्टों के मुताबिक कुछ मामूली झड़पें हुई हैं और किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है."
इस अभियान से पहले कंधार के निकट अर्ग़न्दाब ज़िले के सैकड़ों लोग अपने घर छोड़कर भाग गए हैं.
पिछले शुक्रवार को कंधार की जेल से लगभग 350 तालेबान चरमपंथी भागने में सफल रहे थे. उनमें से कुछ को ही पकड़ा जा सका है.
हालाँकि फ़िलहाल अभी ये स्पष्ट नहीं है कि अर्ग़न्दाब में डेरा जमाए लोगों में भगोड़े क़ैदियों की भूमिका है या नहीं.
झड़पों की ख़बर आने से पहले अफ़ग़ान सेना का कहना था कि तीन सौ सैनिकों को कंधार भेजा जा चुका है और कुछ अतिरिक्त सैनिक भी भेजे जा रहे हैं.