मंगलवार, 17 जून, 2008 को 09:39 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी के राजस्थान संवाददाता
राजस्थान में अनुसूचित जनजाति के तहत आरक्षण देने की माँग पर पिछले 26 दिनों से आंदोलन कर रहे गूजरों और राज्य सरकार के बीच समझौता हो गया है.
राजस्थान की राजधानी जयपुर में गूजरों की ओर से निर्णायक दौर की वार्ता की अगुआई कर रहे कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया है.
राज्य सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल में शामिल रामदास अग्रवाल और बैंसला ने एकसाथ इस समझौते की जानकारी पत्रकारों को दी.
दोनों ने कहा कि वे समझौते से खुश हैं. हालाँकि समझौते का दस्तावेज़ अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है.
कर्नल बैंसला ने कहा, "बुधवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ मैं समझौते पर औपचारिक दस्तख़त करुंगा और उसके बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा."
कर्नल बैंसला ने सिर्फ़ इतना बताया, "समझौते के तहत आरक्षण की जो व्यवस्था की गई है उससे किसी अन्य वर्ग को नुकसान नहीं होगा."
उन्होंने सबका शुक्रिया अदा किया और सफल बातचीत के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया.
चार से छह फ़ीसदी आरक्षण
गूजर नेता रामसिंह विधूड़ी ने कहा कि बताया है कि समझौते में गूजरों को चार से छह फ़ीसदी आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है और यह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कोटे के भीतर ही होगी.
यानी ओबीसी कोटे में रहते हुए गूजरों के लिए चार से छह फ़ीसदी सीटें अलग से आरक्षित की जाएंगी.
विधूड़ी ने कहा कि कर्नल बैंसला बुधवार को ख़ुद पीलूपुरा जाएंगे और आंदोलन वापस लेने की औपचारिक घोषणा करेंगे.
इससे आंदोलन प्रभावित इलाक़ों में राहत महसूस की जा रही है.
राज्य सरकार और गूजरों के बीच चार दौर की वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकल सका था.
लेकिन पहले से संभावना जताई जा रही थी कि पाँचवा दौर निर्णायक साबित होगा.