सोमवार, 16 जून, 2008 को 02:56 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी के राजस्थान संवाददाता
आरक्षण के मुद्दे पर राजस्थान सरकार और गूजर नेताओं के बीच सोमवार की बातचीत समाप्त हो गई है. हालांकि बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला है लेकिन गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने इसे संतोषजनक बताया है.
राजस्थान की मुख्यमंत्री मंगलवार को वार्ता में हिस्सा लेंगी.
किरोड़ी सिंह बैंसला रविवार को तैयार हो गए थे कि वे वार्ता में हिस्सा लें.
सोमवार की सुबह सरकारी हेलिकॉप्टर से उन्हें जयपुर लाया गया.
उनसे अनौपचारिक चर्चा के लिए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रामदास अग्रवाल, गोपीनाथ मुंडे और प्रकाश जावड़ेकर भी पहुँचे हुए थे.
उल्लेखनीय है कि गूजर समुदाय अनुसूचित जनजाति में शामिल कर आरक्षण देने की माँग को लेकर आंदोलन कर रहा है और पिछले तीन हफ़्तों में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हुई झड़पों और पुलिस फ़ायरिंग में दो पुलिसकर्मियों समेत 41 लोग मारे गए हैं.
गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला रविवार से पहले तक कह रहे थे कि वे राजस्थान सरकार से बातचीत के लिए जयपुर नहीं जाएँगे.
उनका कहना था कि जब निर्णायक बातचीत होगी तब वे जयपुर जाएँगे.सोमवार से पहले कई दौर की बातचीत हो चुके हैं.
मीणा नाराज़
गूजरों की माँग को लेकर राजस्थान के आदिवासी मीणा समुदाय में विरोध है.
वे नहीं चाहते कि गूजरों को भी मीणा की तरह अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए.
भाजपा के तीन मीना विधायकों - किरोड़ी लाल मीणा, कांतिलाल मीणा और कन्यालाल मीणा ने विधानसभा से इस्तीफ़ा दे दिया है.
मीणा नेताओं को लगता है कि सरकार गूजरों के साथ एकतरफ़ा बातचीत कर रहे हैं.
किरोड़ी लाल मीणा नाराज़गी के साथ कहते हैं, "सरकार ने 28 गूजर नेताओं को बिठा रखा है, दो गूजर मंत्रियों को भी बिठा रखा है. यह एकतरफ़ा बातचीत है, हम क्या इसे मान लेंगे?"
उनका कहना था, "राज्य में तीन मीणा मंत्री हैं, 31 विधायक हैं उनमें से कुछ को तो इस बैठक में बिठाया जाना चाहिए था."