सोमवार, 16 जून, 2008 को 08:04 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित कश्मीर से हिंदू तीर्थयात्रियों का जत्था अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हो गया. इस साल अमरनाथ यात्रा तय कार्यक्रम से एक दिन पहले शुरु हुई.
पहलगाम और बालतल बेस कैंप से हज़ारों की संख्या में तीर्थयात्री मंगलवार को रवाना हुए.
अनुमान है कि इस साल लगभग पाँच लाख लोग अमरनाथ गुफा की में प्राकृतिक रूप से बनने वाले शिवलिंग का दर्शन करेंगे.
जम्मू से लेकर गुफा तक के 350 किलोमीटर के रास्ते पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
सुरक्षा में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अलावा सेना को भी लगाया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि तीर्थयात्रा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं लेकिन इस बार यात्रा से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित असर पर चिंता जताई जा रही है.
भारत समर्थक और विरोधी दलों ने बालतल में अस्थायी शिविर और टॉयलेट बनाने के लिए 40 एकड़ ज़मीन देने के फ़ैसले का विरोध किया है.
लेकिन अमरनाथ बोर्ड का कहना है कि इन ज़मीन पर कोई पेड़ नहीं है और इससे पर्यावरण पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
यह यात्रा दो महीने चलेगी. इसके लिए अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.