शुक्रवार, 13 जून, 2008 को 04:43 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, राजस्थान
राजस्थान में 22 दिनों से आंदोलनरत गूजरों और राज्य सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत में कोई नतीजा तो नहीं निकला लेकिन वार्ताकारों ने इसे संतोषजनक बताया.
दोनों पक्ष शनिवार को फिर बातचीत शुरु करेंगे.
राज्य सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रामदास अग्रवाल ने कहा, "हम किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सके हैं लेकिन बातचीत संतोषजनक रही. ये आगे भी जारी रहेगी."
गूजरों की ओर से बातचीत कर रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल मसूद चौधरी ने बताया, "हमनें अपनी बात विस्तार से उन्हें (सरकारी प्रतिनिधिमंडल) को बताई है. हम कल दोबारा बातचीत करेंगे."
वार्ता
जयपुर में हुई इस बातचीत में गूजरों की ओर से 28 प्रतिनिधि और राज्य सरकार की ओर से नौ प्रतिनिधि शामिल हुए.
हालांकि राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और गूजर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला इस बैठक में शामिल नहीं हुए.
ग़ौरतलब है कि पिछले तीन हफ़्तों के दौरान राज्य में अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने की माँग कर रहे गूजर लगातार आंदोलन कर रहे हैं.
इस आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस फ़ायरिंग में कम से कम 37 लोगों की मौत हो गई थी. सैकड़ों लोग घायल हुए थे और कुछ जगहों पर कई दिनों तक रेल और सड़क यातायात बाधित रहा था.
महिलाओं की रिहाई
उधर यह भी जानकारी मिली है कि गूजर आंदोलन के दौरान गिरफ़्तार हुई महिलाओं को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया.
इन महिलाओं को पिछले दिनों आंदोलन के दौरान राज्य की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया था.
गुरुवार की इन महिलाओं को ज़मानत मिल गई थी पर कुछ कागज़ी कार्यवाही बाकी रहने के चलते इनकी गुरुवार को रिहाई नहीं हो पाई थी. ये महिलाएं अलवर जेल में रखी गई थीं.
गुरुवार को दौसा की ज़िला अदालत ने गिरफ़्तार की गई 25 गूजर महिलाओं को ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया था.
हालांकि राज्य सरकार इन महिलाओ को ज़मानत देने के लिए तैयार नहीं थी पर ज़मानत मिले बिना गूजर आगे बातचीत के लिए तैयार नहीं थे.
अब अदालत की ओर से महिलाओं की ज़मानत दिए जाने के बाद बातचीत का रास्ता फिर से खुल गया है.