शुक्रवार, 13 जून, 2008 को 13:17 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, उत्तर प्रदेश
अवैध भूखंड आबंटन मामले में उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह के ख़िलाफ़ राज्य सरकार की किसी कार्रवाई पर रोक लगा दी है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को कहा कि आवासीय सचिव की जाँच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अमर सिंह के विरूद्ध कोई कार्रवाई न करे.
इस महीने के शुरू में अमर सिंह ने यह कहते हुए हाई कोर्ट में अपने मामले की पैरवी ख़ुद करने की घोषणा की थी कि उनके वकील को सरकार की ओर से ख़तरा हो सकता है.
मुख्यमंत्री मायावती ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक तौर पर कहा था कि भ्रष्टाचार के मामलों में सच्चाई सामने आने पर वो सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह को जेल भेज देंगी.
सत्ता में आने के बाद मायावती ने मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के कई फ़ैसलों की जाँच के आदेश दे दिए थे.
जाँच
इस मामले में ये आरोप लगाया गया था कि क़ानून को धता बताकर लखनऊ के गोमती नगर इलाक़े में क़ीमती भूखंड अमर सिंह को दे दिया गया.
सरकार के मुताबिक लखनऊ विकास प्राधिकरण को भूखंडों का आबंटन गरीबों के लिए करना था जिसमें एक प्लॉट अमर सिंह को दिया गया और बाद में इसका दायरा बढ़ा दिया गया.
राज्य के आवासीय सचिव ने इस मामले की जाँच की थी जिसे अमर सिंह ने हाई कोर्ट में चुनौती दी.
अमर सिंह के वकील ने कहा कि मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और आवासीय सचिव के ख़िलाफ़ ख़ुद कई तरह के मामले लंबित हैं.