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बुधवार, 11 जून, 2008 को 04:13 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी के राजस्थान संवाददाता

गूजर आंदोलन: वार्ता पर अनिश्चितता

राजस्थान में आंदोलन कर रहे गूजर समुदाय और सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत पर अब भी संदेह और अनिश्चितता की धुंध छाई हुई है.

सरकार ने मंगलवार देर रात को दावा किया था कि गूजर प्रतिनिधि बुधवार को वार्ता के लिए जयपुर आएँगे.

लेकिन बयाना में 20 दिनों से धरने पर बैठे गूजर नेता अब भी गिरफ़्तार हुई गूजर महिलाओं की रिहाई पर अड़े हुए हैं. इन 25 महिलाओं को छह जून को दौसा ज़िले में बांदीकुई से उस वक्त गिरफ़्तार किया गया जब उन्होंने रेल मार्ग रोका हुआ था.

आंदोलनकारियों का मानना है कि उनकी रिहाई के बाद ही वार्ता का माहौल बनेगा.

गूजरों ने अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की माँग को लेकर ये आंदोलन शुरु किया था ताकि वे आरक्षण का फ़ायदा उठा पाएँ. इस आंदोलन के दौरान झड़पों और पुलिस फ़ायरिंग में 37 आंदोलनकारी मारे गए हैं.

'बातचीत से गुरेज़ नहीं'

डेल्ही के गूजर विधायक रामवीर सिंह विधुरी को उम्मीद है की बुधवार को सरकार के बातचीत हो सकती है. आंदोलनकारियों के साथ बयाना में मौजूद विधुरी ने बीबीसी को बताया, "गूजर नेताओं को बातचीत से कोई गुरेज़ नहीं है. लेकिन समुदाय की मांग है की सरकार उन लोगों को रिहा करे जिन्हें हाल मे गिरफ़्तार किया गया था है."

पुलिस ने उन 15 गूजरों को भी गिरफ़्तार कर लिया जो पिछले महीने 24 तारीख़ को सिकंदरा में घायल होकर जयपुर के सरकारी अस्पताल मे भरती हुए थे. पुलिस ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलते ही गिरफ़्तार कर लिया.

इस बीच योग गुरु श्री श्री रविशंकर मंगलवार को उड़ान भर कर बयाना उस स्थान पर गए जहाँ गूजर नेता 20 दिन से रेल पटरियों पर धरना दिए बैठे हैं.

योग गुरु रविशंकर ने जहाँ गूजर समुदाय से शांति की अपील की वहीं गूजरों के नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने उनसे अनुरोध किया कि वे गूजरों को न्याय दिलाएँ.

रविशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी है, लेकिन बातचीत से रास्ता निकल सकता है.

गूजरों के आरोप

गूजर समुदाय का मानना है कि ये सरकार पर निर्भर करता है कि वार्ता के लिए उचित माहौल बनाए.

गूजर नेता डॉक्टर वीएस चौधरी ने बीबीसी को बयाना से बताया की पहले दौर की बातचीत ठीक रही और सभी पक्ष खुश थे.

गूजरों का आरोप है कि गूजर बाहुल्य गावों की बिजली काट दी गई है, जिसे बहाल किया जाना चाहिए. लेकिन सरकार का कहना है कि कोई बिजली नही काटी गई.

लेकिन गिरफ़्तार हुए लोगों की रिहाई पर सरकार चुप है. बयाना के पिलुपुरा से लौटे गूजर समुदाय के नेपाल सिंह ने बीबीसी को बताया, "हमारे लोगों की ताबड़तोड़ गिरफ़्तारियाँ की गई हैं और महिलाओं तक को जेल भेज दिया गया है. बैंसला के विरुद्ध राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, ऐसे माहौल में कैसे बातचीत होगी?"

जयपुर में भाजपा के गूजर मंत्रियों और विधायकों पर अपने समुदाय का दबाव बढ़ रहा है. इन नेताओं का एक दल मंगलवार को भाजपा कार्यालय गया और पार्टी पर समस्या का तुरंत हल निकलने की गुहार की.