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सोमवार, 09 जून, 2008 को 07:14 GMT तक के समाचार

अफ़ज़ल चाहते हैं कि आडवाणी प्रधानमंत्री बनें

भारतीय संसद पर हमले के दोषी मोहम्मद अफ़ज़ल का कहना है कि सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) उनकी मौत की सजा पर अनिश्चय की स्थिति बनाए हुए है.

समाचार एजेंसी आईएएनएस से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी प्रधानमंत्री बनते हैं तो वे इस मुद्दे पर जल्द निर्णय कर सकते है और उन्हें 'मुक्ति' दे सकते हैं.

ग़ौरतलब है कि 13 दिसंबर, 2001 में संसद पर हुए चरमपंथी हमले में अफ़ज़ल को फांसी की सज़ा सुनाई गई है.

इस समय मोहम्मद अफ़ज़ल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं और उसने राष्ट्रपति को क्षमादान की याचिका भेजी हुई है.

अफ़ज़ल ने कहा,'' मैं चाहता हूँ कि आडवाणी देश के अगले प्रधानमंत्री बनें. वो अकेले ऐसे व्यक्ति है जो इस बारे में निर्णय करेंगे और मुझे फांसी पर लटका दिया जाएगा. कम से कम मेरी पीड़ा और रोजाना की परेशानी ख़त्म होगी.''

कांग्रेस पर निशाना

अफ़ज़ल ने कहा,'' मुझे नहीं लगता कि वर्तमान सरकार मेरी सज़ा पर जल्द ही कोई निर्णय करेगी. कांग्रेस और सरकार के लोग दो तरह की बातें कर रहे हैं.''

ग़ौरतलब है कि भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अफ़ज़ल के फ़ैसले पर हो रहे विलंब की आलोचना की थी.

उन्होंने कहा था कि अदालत के आदेश को जल्द से जल्द लागू किया जाए.

अफज़ल ने कहा,'' जेल में जिंदगी नर्क बन गई है. मैंने दो महीने पहले सरकार से अपनी सज़ा पर तुरंत फ़ैसला लेने की अपील की थी.''

उनका कहना था, '' मैंने यह भी आग्रह किया है कि जब तक वे फ़ैसला लेते हैं, मुझे कश्मीर की किसी जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए.''

अफज़ल ने पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह के साथ सहानुभूति जताते हुए कहा था कि 'मुझमें और सरबजीत में कोई समानता नहीं है. दोनों मसले अलग हैं. मेरी लड़ाई कश्मीर को लेकर है.'

पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा था कि जो अफ़ज़ल की फांसी की मांग कर रहे हैं, वे सरबजीत सिंह की माफ़ी की मांग नहीं कर सकते. उनकी इस टिप्पणी पर काफ़ी हंगामा मचा था.