रविवार, 08 जून, 2008 को 12:34 GMT तक के समाचार
राम दत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने मत्स्य विकास और सैनिक कल्याण मंत्री जमुना निषाद को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया है.
पुलिस ने मंत्री जमुना निषाद पर मुक़दमा कायम किया है कि शनिवार रात उनकी मौजूदगी में उनके समर्थकों की भीड़ ने महाराजगंज ज़िले में थाने पर हमला कर लूटपाट की और एक सिपाही की हत्या कर दी.
मुख्यमंत्री मायावती ने निषाद को लखनऊ तलब कर मामले की जानकारी ली और फिर संवाददाताओं को बताया कि मंत्री से इस्तीफ़ा ले लिया गया है.
माया सरकार में यह दूसरे मंत्री हैं जिन्हें हत्या के मामले में शामिल होने के संदेह में मंत्रिमंडल से हटाया गया.
इसके पहले राज्यमंत्री आनंद सेन को एक लड़की की हत्या के मामले में संलिप्त होने के आरोप की वजह से हटाया गया था.
नाराज़गी
मुख्यमंत्री ने मामले की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मंत्री निषाद अपने गाँव के लोगों के साथ इसलिए पुलिस थाने गए थे क्योंकि वे निषाद समुदाय की एक लड़की के साथ कथित बलात्कार के मामले में ठीक से पुलिस कार्रवाई न होने पर नाराज थे.
लोगों की नाराज़गी की मुख्य वजह यह थी कि पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल के बाद बलात्कार के मामले को छेड़खानी में बदल दिया था.
मंत्री निषाद ने मुख्यमंत्री को सफ़ाई दी कि सिपाही की हत्या की घटना से उनका कोई लेना देना नहीं है.
फिर भी समझा जाता है कि पुलिसकर्मियों में रोष को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे इस्तीफा ले लिया.
मुख्यमंत्री ने बताया कि बलात्कार के मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी और एक मेडिकल बोर्ड पीड़ित लड़की की दोबारा जांच करेगा.
सरकार ने मृत सिपाही कृष्णानंद राय के परिवार को दस लाख रुपये की विशेष सहायता स्वीकृत की है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि थाने पर हुई हिंसा और हत्या के मामले की जांच किसी अन्य निष्पक्ष एजेंसी से करायी जाएगी.
उधर महाराजगंज से ख़बर है कि अपने साथी की मौत से की घटना से रुष्ट पुलिस कर्मचारियों ने विरोधस्वरूप खाना नहीं बनाया. वरिष्ठ अधिकारी पुलिस कर्मचारियों को समझाने-बुझाने से लगे रहे.
विपक्षी समाजवादी पार्टी के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया. शाम को मंत्री की बर्खास्तगी की ख़बर आने के बाद स्थिति सामान्य होने लगी.