रविवार, 08 जून, 2008 को 21:49 GMT तक के समाचार
बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के सिर से फिलहाल कुर्सी जाने का संकट टलता नज़र आ रहा है.
पार्टी हाईकमान की ओर से उन्हें राहत दी गई है और अब सुशील मोदी बिहार के उप मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे.
इस बारे में रविवार को दिल्ली में एक बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है.
पिछले कुछ समय से सुशील मोदी को लगातार राज्य में कुछ विधायकों और कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से विरोध का सामना करना पड़ रहा है.
भाजपा को चिंता है कि उसका जनाधार प्रदेश में घट रहा है और इसका ज़िम्मेदार असंतुष्ट विधायक सुशील मोदी को ठहराते है, कुछ विधायकों का ये भी आरोप है कि सुशील मोदी सिर्फ़ अपने बारे में सोचते है पार्टी के बारे में नहीं.
पार्टी के सामने उपजी इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए रविवार को दिल्ली में पार्टी हाइकमान की एक बैठक हुई जिसमें विधायकों को बुलाया गया.
दिल्ली में पार्टी नेता सुषमा स्वराज और वैंकेया नायडू के साथ बिहार बीजेपी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक हुई.
बैठक में 67 भाजपा विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने अपनी राय व्यक्त करने के लिए मतदान किया.
वोटों की गिनती के बाद तैयार की गई रिपोर्ट पर पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से विचार विमर्श किया गया और ये फ़ैसला लिया गया कि बिहार भाजपा में कोई परिवर्तन नहीं होगा और सुशील कुमार मोदी विधायक दल के नेता और उप मुख्यमंत्री बने रहेंगे.
असंतोष
दरअसल, इस असंतोष को और हवा तब मिली जब हाल ही में नीतिश कुमार मंत्रिमंडल से भाजपा के दो मंत्रियों को हटाया गया तो असंतुष्ट विधायकों ने इसका ज़िम्मेदार सुशील मोदी को ठहराया.
ऐसी ख़बरें थीं कि राज्य में 20 से 25 विधायक सुशील कुमार मोदी के ख़िलाफ़ हैं लेकिन मतदान में वोट किस तरफ़ घूमें ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, न ही पार्टी ने खुलकर कुछ कहा है.
वैसे बैठक के दौरान एक-एक कर पार्टी विधायक बाहर आते रहे और कहते रहे कि ये घर का मामला है जिसे घर में सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है.
अब जो निर्णय़ लिया गया है उसे देखकर यही लगयता हैक घर की बात को लम्बी अठापठक के बाद घर में सुलझा लिया गया है जिससे बिहार भाजपा में उपजे असंतोष को थोड़ी देर के लिए ही सही, राहत मिल गई है.