शुक्रवार, 06 जून, 2008 को 17:35 GMT तक के समाचार
भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि चीन के साथ सीमा विवाद के हल के लिए दोनों देशों को धैर्य रखना होगा और वास्तविकता समझनी होगी.
चार दिन के चीन दौरे पर गए प्रणव मुखर्जी ने कहा कि भारत आपसी मतभेदों को द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने में बाधक नहीं बनने देने के लिए प्रतिबद्ध है.
पीकिंग विश्वविद्यालय में एक आयोजन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों के 'पेचीदे मुद्दों' को समझने और उनका हल निकालने में सक्षम हैं.
उनका कहना था, "हमें बातचीत के ज़रिए इन मतभेदों को सुलझाने की ज़रूरत है."
सुरक्षा ढाँचा
प्रणव मुखर्जी ने गुरुवार को चीन के विदेश मंत्री यांग हेची से मुलाक़ात की थी जिसमें सिक्किम से सटी सीमा पर चीन के हाल के दावे का मुद्दा उठाया गया.
इसमें दोनों देशों ने सीमा पर शांति और सदभाव कायम रखने की प्रतिबद्धता दोहराई.
भारतीय विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि भारत एशिया और उससे आगे शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए चीन के साथ काम करना चाहता है और इसके लिए वह एक नया सुरक्षा ढांचा बनाने का पक्षधर है.
उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक राजनीतिक- आर्थिक संस्थानों का पुनर्गठन हो ताकि वे वर्तमान हक़ीकत से मेल खा सकें.
विदेश मंत्री ने कहा कि एक ऐसे खुले और विशेष ढांचे की ज़रूरत है जो एशिया में मौजूद बड़ी विविधता को व्यवस्थित करने में पर्याप्त रूप से उदार हों.