गुरुवार, 05 जून, 2008 को 05:18 GMT तक के समाचार
पाकिस्तानी सेना के 70 पूर्व अधिकारियों ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुक़दमा चलाए जाने का समर्थन किया है.
सेना में वरिष्ठ अधिकारी रहे इन अफ़सरों ने लाहौर में कहा है कि मुशर्रफ़ ने 1999 के बाद कई ऐसी 'चूकें' या ग़लतियाँ की हैं जिसकी वजह से उन पर फ़ौजदारी का मामला बनाया जाना चाहिए.
पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज़) के अध्यक्ष नवाज़ शरीफ़ ने मंगलवार को सेना के एक पूर्व जनरल से मुलाक़ात की थी और मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ उठाई गई उनकी माँग का समर्थन किया था.
परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि वे अपने ऊपर मुक़दमा चलाए जाने का विरोध करेंगे.
मुशर्रफ़ का विरोध
'द एक्स सर्विसमेन एसोसिएशन' यानी 'ईएसए' सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों का ऐसा संगठन है जो पिछले दिनों मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ चल रहे जनअभियान के दौरान उभरा.
ईएसए उन जजों की बहाली की माँग कर रहा है जिन्हें राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने इमरजेंसी के दौरान हटा दिया था, पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक एक्यू ख़ान को भी वही सम्मान और सुविधाएँ मिलें जो उन्हें पहले मिली हुई थीं.
इसके अलावा संगठन चाहता है कि पाकिस्तान कश्मीर मसले के मामले में वैसा ही उग्र रुख़ अपना ले जैसा कि वह परवेज़ मुशर्रफ़ के सत्ता पर क़ाबिज़ होने से पहले था.
सेना के इन पूर्व अफ़सरों का कहना है कि पाकिस्तान के सूबा सरहद के तमाम इलाक़ों में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाइयाँ बंद कर दी जाएँ और यहाँ से फ़ौज हटा ली जाएँ.
मुशर्रफ़ के विरोध में रैली
ईएसए ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की उस नीति का भी विरोध किया है जिसमें मुशर्रफ़ ने अमरीका की 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग' का समर्थन किया था.
वहीं, पाकिस्तान में जजों की बहाली की माँग कर रहे वकीलों के संगठनों ने 10 जून को पंजाब प्रांत से एक प्रदर्शन रैली निकालने का फ़ैसला किया है.
इसी साल फ़रवरी में हुए आम चुनावों में नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज़) पंजाब प्रांत में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.
सेना के पूर्व अफ़सरों के संगठन ईएसए ने घोषणा की है कि वो 10 जून को निकलने वाली इस रैली में शामिल होंगे.
इस रैली को उन तमाम राजनीतिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है जिन्होंने आम चुनावों का बहिष्कार किया था.