गुरुवार, 05 जून, 2008 को 11:29 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद चरमपंथी संगठन अल क़ायदा ने कथित रूप से इंटरनेट पर जारी एक बयान में कहा है कि सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में डेनमार्क के दूतावास के बाहर हुए कार बम विस्फोट के पीछे उसका हाथ था.
विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और तीस लोग जख़्मी हुए थे.
बयान में कहा गया है कि यह विस्फोट डेनमार्क के एक अख़बार में फ़रवरी में पैगंबर मोहम्मद का मखौल उड़ाने वाले कार्टून के दुबारा छापे जाने का बदला लेने के लिए किया गया.
इस कार्टून के ख़िलाफ़ दुनियाभर में प्रदर्शन हुए थे.
इंटरनेट पर जारी इस बयान पर मुस्तफ़ा अबु अल यज़ीद के दस्तख़त हैं. इसमें कहा गया है कि अगर इस कार्टून के लिए डेनमार्क ने माफ़ी नहीं माँगी तो और विस्फोट किए जाएँगे.
बयान में कहा गया है कि यह विस्फोट इस नास्तिक देश के लिए एक चेतावनी है.
कायरतापूर्ण कार्रवाई
उधर डेनमार्क के प्रधानमंत्री एंड्रेस फ़ॉग रासमूसीन ने इसे एक कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया है. उन्होंने कहा कि इससे उनके देश की नीति में बदलाव नहीं आएगा.
वहीं जाँचकर्ताओं का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह विस्फोट किसने करवाया है, क्योंकि अभी हाल में ही पाकिस्तान के मुख्य चरमपंथी संगठनों ने संघर्ष विराम की घोषणा की है.
संवाददाताओं का कहना है कि विस्फोट से कुछ सप्ताह पहले ही अल क़ायदा ने पैगंबर मोहम्मद का मखौल उड़ाने वाले कार्टून एक अख़बार में प्रकाशित होने पर डेनमार्क को धमकी दी थी.
फ़रवरी में हुए चुनाव के बाद से पाकिस्तान में बम विस्फोटों में कमी आई थी, सोमवार को हुए विस्फोट ने इसे तोड़ा है. नई सरकार हिंसा को ख़त्म करने के प्रयास कर रही है.
पाकिस्तान में तालिबान के प्रमुख नेता बैतुल्लाह महसूद देश के उत्तर पश्चिम सीमा पर हिंसा समाप्त करने के लिए अधिकारियों के साथ शांति वार्ता कर रहे हैं.
पिछले दिनों में हुए इस तरह के विस्फोटों में शामिल अन्य गुटों ने भी अभी हाल ही में सरकार के साथ बातचीत की है.