मंगलवार, 03 जून, 2008 को 15:59 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर ग़द्दारी के आरोप में मुक़दमा चलना चाहिए.
दरअसल पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के एक सेवानिवृत्त लेफ़्टिनेंट जनरल जमशेद गुलज़ार कियानी ने बयान दिया है कि 1999 के करगिल युद्ध के बारे में तत्कालीन सेना अध्यक्ष ने नवाज़ शरीफ़ को अंधेरे में रखा था.
सेवानिवृत्त लेफ़्टिनेंट जनरल जमशेद गुलज़ार कियानी ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल को बताया, “शुरू में नवाज़ शरीफ़ को करगिल अभियान में शामिल नहीं किया गया था.”
लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि जब नवाज़ शरीफ़ को इस बारे में पता चला तो वे अभियान को इस शर्त पर समर्थन देने के लिए तैयार हो गए कि ये सफल होना चाहिए.
करगिल मुद्दे की जाँच
नवाज़ शरीफ़ शुरु से ही कहते आए हैं कि करगिल अभियान से पहले उनकी राय नहीं ली गई थी.
अब कियानी की टिप्पणी के बाद नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि उनकी बात सच साबित हुई है.
परवेज़ मुशर्रफ़ पर टिप्पणी करते हुए नवाज़ शरीफ़ ने कहा, “पाकिस्तानी लोग ज़्यादा जवाबदेही चाहते हैं. पिछले नौ सालों में मुशर्रफ़ ने जो किया है उसके लिए उन पर मुकदमा चलना चाहिए- ग़द्दारी के लिए और देश के प्रति वफ़ादार न रहने के लिए, 1999 में चुनी हुई सरकार का तख़्त पलट करने के लिए और पिछले साल देश में आपातकाल लगाने के लिए. तानाशाही पाकिस्तान की दुश्मन है.”
करिगल युद्ध के समय परवेज़ मुशरर्फ़ पाकिस्तानी सेना अध्यक्ष थे. नवाज़ शरीफ़ ने माँग की है कि करगिल मुद्दे की जाँच के लिए आयोग बनाया जाए.
नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने उनसे कुछ और कहा था और सेना को कुछ और बताया.