सोमवार, 02 जून, 2008 को 19:35 GMT तक के समाचार
जीतेगी भाजपा, जीतेगा भारत, अगले लोकसभा चुनावों के लिए यह भाजपा का नया नारा है.
भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के अपने समापन भाषण में पिछले साल गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी के नारे 'जीतेगी भाजपा, जीतेगा गुजरात' की तर्ज पर ये नारा दिया.
इस नारे के साथ आडवाणी ने कार्यकारिणी सदस्यों को नसीहत भी दी कि वे भाजपा शासित राज्यों में सरकार विरोधी वोटों से सतर्क रहें.
उन्होंने कहा कि इसके लिए पार्टी को ऐसे उपाय करने होंगे जिनसे भाजपा शासित राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित की जा सके.
इन राज्यों में सरकार विरोधी वोटों से पार पाने के लिए उन्होंने पिछले गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनाई गई रणनीति का अनुसरण करने का सुझाव दिया.
ग़ौरतलब है कि वहाँ बड़ी संख्या में तत्कालीन विधायकों के टिकट काट दिए गए थे.
आडवाणी ने पार्टी की कहा कि कर्नाटक विजय के बाद भाजपा आगामी संसदीय चुनाव की दौड़ में सबसे आगे निकल गई है. लेकिन हमें इसे निश्चित विजय में बदलना है.
स्थिर सरकार
भाजपा नेता ने कहा कि कर्नाटक सहित कुछ राज्यों के चुनावों में यह रुझान देखने को मिला है कि जनता स्थिर सरकार के पक्ष में मतदान कर रही है.
उन्होंने कहा कि जो बात राज्य स्तर पर सही है, वह राष्ट्रीय स्तर पर भी सही है.
आडवाणी ने कहा कि मई 2004 से 12 राज्यों में कांग्रेस को हार का मुँह देखना पड़ा जो इस बात का सबूत है कि कांग्रेस नेतृत्व भारत की जनता में अपने लिए कोई विश्वास पैदा नहीं कर पाया है.
आडवाणी ने कहा कि सब ये देख रहे हैं कि एक कमजोर सरकार, शक्तिहीन प्रधानमंत्री और अवसरवादी कांग्रेस-वाम समझौता देश को ख़तरे में डाल रहे हैं.
आडवाणी ने कहा कि एक स्थिर सरकार देने के लिए भाजपा को 2009 के लोक सभा चुनाव में 1999 के अपने अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन से भी बढ़िया करके दिखाना होगा. उस दौरान भाजपा को 182 सीटें मिलीं थीं.