रविवार, 01 जून, 2008 को 12:31 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश सरकार ने आरुषि हत्याकांड की जाँच से जुड़े तीन पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया है. इस मामले की जाँच अब सीबीआई कर रही है.
मेरठ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) और नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) का तबादला किया गया है.
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने इन अधिकारियों के तबादले की जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.
नोएडा के सेक्टर 25 के जलवायु विहार में 15 मई की रात हुई आरुषि और तलवार परिवार के नौकर हेमराज की हत्या के मामले में ये तीनों अधिकारी जाँच से जुड़े हुए थे.
स्थानांतरित किए जाने वालों में मेरठ रेंज के आईजी गुरदर्शन सिंह, डीआईजी केएल मीणा और नोएडा के एसएसपी के सतीश गणेश हैं.
मायावती ने कहा कि आरुषि और हेमराज की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के पास कुछ प्रामाणिक जानकारियाँ हैं.
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ये सारी जानकारियाँ सीबीआई को सौंप देगी. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सीबीआई को जाँच में पूरा सहयोग करेगी.
उलझा हुआ हत्याकांड
रविवार की सुबह ही आरुषि हत्याकांड की जाँच का काम केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथों में लिया है.
इसी के साथ इस मामले पर सीबीआई की जाँच का काम रविवार को औपचारिक रूप से शुरू हो गया.
दिल्ली से सटे नोएडा में आरुषि तलवार की लाश 16 मई की सुबह अपने ही घर में मिली थी.
पुलिस ने शुरू में कहा था कि हत्या घरेलू नौकर हेमराज ने की लेकिन घटना के 36 घंटे बाद घर की छत से ही नौकर की लाश बरामद हो गई थी.
इस शव के मिलने के बाद मामला और पेचीदा हो गया और पुलिस की जाँच प्रक्रिया पर भी कई सवाल उठे.
क्या है पुलिस की दलील ?
23 मई को मेरठ रेंज के आईजी गुरदर्शन सिंह ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर मामले को सुलझा लेने का दावा किया था.
मेरठ रेंज के आईजी गुरदर्शन सिंह ने दावा किया कि जाँच से पता चलता है कि आरुषि के पिता ने ही उसकी और नौकर हेमराज की हत्या की.
आईजी ने कहा था कि डॉक्टर राजेश तलवार के अपनी ही एक सहयोगी के साथ अंतरंग संबंध थे और इन्हें छिपाने के लिए ऐसी घटना को अंजाम दिया गया.
पर आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार की पत्नी डॉक्टर नूपुर तलवार ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 23 मई को ही डॉक्टर राजेश तलवार को गिरफ़्तार कर लिया और अभी वे पुलिस रिमांड पर हैं.
मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र से मामले की सीबीआई जाँच कराने की सिफ़ारिश की थी.