शुक्रवार, 30 मई, 2008 को 09:28 GMT तक के समाचार
कर्नाटक में भाजपा विधायक दल के नेती बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार दोपहर बैंगलौर में विधानसभा के बाहर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ 29 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई.
इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी की दक्षिण भारत में पहली बार सरकार स्थापित हो गई.
इससे पहले राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए. राष्ट्रपति इस समय हिमाचल प्रदेश के शिमला में हैं.
कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन इस महीने की 19 तारीख़ को समाप्त हो गया था. जिसे कैबिनेट की बैठक में अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था.
बीएस येदियुरप्पा शिमाँग ज़िले के शिकारीपुरा विधानसभा सीट से चुनाव जीत कर आए हैं.
चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और राज्य पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा को मात दी थी.
शपथग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, पूर्व उपप्रधानमंत्री उम्मीदवार लाल कृष्ण आडवाणी और अन्य बड़े नेता उपस्थित थे.
दूसरी पारी
हालांकि कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से पहले भी येदियुरप्पा ने एक बार शपथ ली थी लेकिन उसे जेडीएस का बाहर से समर्थन था और वह सरकार बहुमत साबित करने से पहले ही गिर गई थी.
पिछले दिनों हुए चुनाव के बाद कर्नाटक में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रुप में उभरी थी और उसे 224 सदस्यों वाले विधानसभा में 110 सीटें मिली थीं.
सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन जुटाने के लिए भाजपा ने छह निर्दलीय विधायकों की ओर हाथ बढ़ाया है.
बंगलौर से स्थानीय पत्रकार भास्कर हेगड़े का कहना है कि इन छहों निर्दलीय विधायकों को मंत्री बनाने की बात तय हो चुकी है और इन सभी को कैबिनेट मंत्री बनाया जाना है.
सरकार के स्थायित्व को लेकर भास्कर हेगड़े का मानना है, "कांग्रेस और जेडीएस की जो स्थित है उसमें लगता नहीं कि सरकार को अस्थिरता का कोई ख़तरा होगा."
विधानसभा भंग करने के बाद हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 110, कांग्रेस को 80, जनता दल (सेक्युलर) को 28 और निर्दलीय प्रत्याशियों को छह सीटों पर जीत हासिल हुई है.