शुक्रवार, 30 मई, 2008 को 13:35 GMT तक के समाचार
दिल्ली से सटे नोएडा की एक स्थानीय अदालत ने आरुषि हत्याकांड के अभियुक्त डॉक्टर राजेश तलवार की ज़मानत याचिका शुक्रवार को ख़ारिज कर दी.
पुलिस ने डॉक्टर तलवार से तीन दिन तक पूछताछ करने के बाद शुक्रवार को अदालत में पेश किया.
अदालत को पुलिस ने बताया कि वह हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं कर पाई है जिसके बाद अदालत ने डॉक्टर तलवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
डॉक्टर तलवार के वकीलों ने अदालत में ज़मानत की याचिका तब दायर की जब पुलिस ने अदालत से डॉक्टर तलवार का नार्को एनालासिस और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की इजाज़त माँगी.
पुरोहित से पूछताछ
पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार को बरामद करने के लिए डॉक्टर राजेश तलवार को लेकर हरिद्वार गई थी. वहाँ से पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा.
पुलिस ने हरिद्वार में डॉक्टर तलवार के पुरोहित पंडित उपेंद्र से पूछताछ की और उसके धार्मिक खाता-बही की जाँच-पड़ताल की.
पंडित उपेंद्र ने ही हरिद्वार में आरुषि का पिंडदान करवाया था. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे पूछताछ की है और उनके रिकॉर्ड में दर्ज आरुषि की मौत के कारणों और समय की जाँच-पड़ताल की.
पुलिस ने 23 मई को डॉक्टर राजेश तलवार को इस हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त बनाकर गिरफ़्तार कर लिया था.
उत्तर प्रदेश पुलिस के मेरठ रेंज के आईजी गुरदर्शन सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि जाँच में पाया गया है कि चिकित्सक राजेश तलवार इस मामले के मुख्य अभियुक्त हैं.
हालांकि पुलिस ने अपने बयान में सबूतों और गिरफ़्तारी के आधार की पुख़्ता जानकारी नहीं दी थी. पुलिस ने सिर्फ़ इतना ही कहा है कि अभी तक की जो विवेचना है, उसी के आधार पर डॉक्टर तलवार को गिरफ़्तार किया गया है.
गुरुवार को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने डॉक्टर राजेश तलवार के परिवार की माँग पर इस मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश की थी.