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गुरुवार, 29 मई, 2008 को 09:11 GMT तक के समाचार

आरुषि कांड: सीबीआई जाँच की सिफ़ारिश

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि वे आरुषि हत्याकांड की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफ़ारिश करने जा रही हैं.

उन्होंने इस मामले पर और सीबीआई जाँच के लिए केंद्र को पहले भेजे गए मामलों पर केंद्र सरकार की आलोचना की है.

मायावती ने गुरूवार को लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मीडिया के ज़रिए मुझे पता चला है कि पीड़ित परिवार का पुलिस पर से भरोसा उठ गया है. इसलिए मैं आज (गुरुवार) ही मामले की सीबीआई जाँच के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी भेज रही हूँ."

हालाँकि उन्होंने पूरे मामले पर केंद्र सरकार के रवैये की आलोचना की और ख़ासकर कांग्रेस पार्टी पर हत्याकांड की आड़ में घिनौनी राजनीति करने का आरोप लगाया.

मायावती ने कहा, "इस हत्याकांड से संबंधित अत्यंत गंभीर प्रकृति के सबूत मिले हैं जिन्हें उजागर करना मर्यादा के विपरीत होगा. ये सबूत आज (गुरुवार) न्यायालय में पेश कर दिए गए हैं."

दिल्ली से सटे नोएडा में पंद्रह वर्षीय आरुषि तलवार की 16 मई की सुबह को अपने ही घर में लाश मिली थी.

पुलिस ने शुरू में कहा था कि हत्या घरेलू नौकर हेमराज ने की लेकिन घटना के एक दिन बाद घर के छत से ही नौकर का शव मिलने के बाद मामला पेचीदा हो गया और पुलिस की जाँच प्रक्रिया पर भी सवाल उठे.

इसके बाद 23 मई को मेरठ रेंज के आईजी गुरदर्शन सिंह ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर मामले को सुलझा लेने का दावा किया.

मेरठ रेंज के आईजी गुरदर्शन सिंह ने दावा किया कि जाँच से पता चलता है कि आरुषि के पिता ने ही उसकी और नौकर हेमराज की हत्या की.

आईजी ने कहा था कि डॉक्टर राजेश तलवार के अपनी ही एक सहयोगी के साथ अंतरंग संबंध थे और इन्हें छिपाने के लिए ऐसी घटना को अंजाम दिया गया.

आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार की पत्नी डॉक्टर नूपुर तलवार ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

जाँच जारी

उत्तर प्रदेश पुलिस ने 23 मई को ही डॉक्टर राजेश तलवार को गिरफ़्तार कर लिया और अभी वे पुलिस रिमांड पर हैं.

मायावती का जाँच के बारे में कहना था, "ये सर्वविदित है कि जाँच पूरी नहीं हुई है. पुलिस असली मुज़रिमों को पकड़ने में जुटी हुई है लेकिन पुलिस पर अनावश्यक दबाव डाले जा रहे हैं."

मायावती ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "संबंधित प्रकरण पर बिना तथ्यों को जाने ही बाल आयोग ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दिया और एक केंद्रीय मंत्री मामले पर टीका टिप्पणी कर रही हैं जो न्यायोचित नहीं है."

मायावती ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दबाव में सीबीआई कई ऐसे मामलों को लौटा चुकी है जिनकी जाँच के लिए राज्य सरकार ने सिफ़ारिश की थी.

मुख्यमंत्री ने कहा, "अगर इस बार भी ऐसा होता है तो मैं पीड़ित परिवार वालों को भरोसा दिलाती हूँ कि पुलिस जाँच को अंजाम तक पहुँचाएगी."