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बुधवार, 28 मई, 2008 को 19:46 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, उत्तर प्रदेश

नरेश अग्रवाल सपा छोड़ बसपा में

उत्तर प्रदेश में विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए.

बसपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री मायावती ने नरेश अग्रवाल को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव और फ़र्रुखाबाद लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया है.

अग्रवाल ने विधान सभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है.

मायावती ने घोषणा की है कि अग्रवाल की हरदोई विधानसभा सीट पर उनके बेटे नितिन अग्रवाल बसपा के प्रत्याशी होंगे.

अग्रवाल के साथ उद्योग व्यापार संगठन के अनेक पदाधिकारी भी बसपा में शामिल हो गए हैं.

पाँच सितारा ताज होटल मे आयोजित एक जलसे में मायावती ने घोषणा की कि ऊँची जातियों में ब्राह्मणों की तरह अब बनियों को बसपा से जोड़ने के लिए अखिलेश दास की तरह ही नरेश अग्रवाल को भी पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है.

पुराने कांग्रेस नेता अखिलेश दास हाल ही में कांग्रेस के केंद्रीय मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देकर बसपा में शामिल हुए हैं. बसपा ने दास को लखनऊ से लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया है.

'प्रधानमंत्री' मायावती

नरेश अग्रवाल ने अपने भाषण में मायावती को भारत की भावी प्रधानमंत्री और देश की कर्णधार कहकर संबोधित किया.

अग्रवाल का कहना था कि समाजवादी पार्टी डाक्टर लोहिया के विचारों से हट गयी है और वहां फ़िल्म तथा पूंजीवालों का बोलबाला हो गया है.

मायावती से मुखातिब होकर अग्रवाल ने ज़िक्र किया कि अब से पहले वह विधान सभा में विरोध में बोलते थे और पुरानी आदत बदलने में थोड़ा समय लगेगा.

अग्रवाल ने कहा कि कहीं कोई ग़लती न हो जाए इसलिए वह कम बोलेंगे. इतना बोलते-बोलते वह थोड़ा नर्वस से हो गए और कहा कि मैं बाद मे जब कभी चुनाव के मंचों पर मौका मिलेगा तो सब चीजों का खुलासा 'करूंगी'.

इस तरह जबान फिसलने पर लागों ने ठहाका मारा तब नरेश ने भूल सुधार किया.

नरेश अग्रवाल पुराने खानदानी कांग्रेसी हैं. 1997 मे उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर लोकतांत्रिक कांग्रेस बनाई और भाजपा सरकार में मंत्री बने.

भाजपा सत्ता से बाहर हुई तो वो समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. इस तरह उनकी छवि बार बार दल बदलने वाले और सरकार के साथ रहने वाले नेता कि बन गई है.

समाजवादी पार्टी को झटका

समाजवादी पार्टी को एक बड़ा झटका मुलायम सिंह यादव के गढ़ में भी लगा जब एक दिन पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और इटावा के बिधुना क्षेत्र से विधायक धनीराम वर्मा बसपा में शामिल हो गए.

बसपा नेता नसीमुद्दीन ने कहा कि वर्मा के बेटे महेश वर्मा कन्नौज से लोकसभा के लिए बसपा के उम्मीदवार होंगे.

इस समय मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव कन्नौज से सांसद हैं. इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते सपा ने कन्नौज से दूसरे लोधी नेता रामबक्श वर्मा को भाजपा से तोड़कर अपना उम्मीवार बना दिया है.

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया मे कहा है जो लोग विचारधारा से कमजोर और डरपोक हैं वही पार्टी छोड़ रहे हैं. चौधरी का कहना है कि ऐसे लोगों के जाने से पार्टी मजबूत होगी.

राजेंद्र चौधरी का कहना है कि समाजवादी पार्टी इस समय मायावती सरकार के ख़िलाफ़ सघर्ष का रही है.

प्रेक्षकों का कहना कि बसपा नेता मायावती अब ब्राह्मणों के बाद सवर्णों में बनिया और ठाकुर समुदाय को रिझाने में लगी है.

लोगों को इस बात का एहसास है कि उत्तर प्रदेश मे अभी चार साल तक बसपा की सरकार चलनी है और दिल्ली की अगली सरकार बनाने में भी मायावती की भूमिका हो सकती है. खबरें हैं कि इसलिए कई दलों के नेता बसपा से जुड़ने के जुगाड़ में लगे हैं.