रेहान फ़ज़ल
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
किसी भी दक्षिणी राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बनने वाले बीएस येदियुरप्पा इस बार उम्मीद करेंगे कि उनका कार्यकाल पहले से लंबा हो.
येदियुरप्पा पहली बार पिछले साल 12 नवंबर को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने थे.
लेकिन एक सप्ताह के भीतर ही जनता दल सेकुलर (जेडीएस) ने समर्थन वापस लेकर उन्हें इस्तीफ़ा देने के लिए मज़बूर कर दिया था.
27 फ़रवरी, 1943 को माँड्या ज़िले में जन्मे येदियुरप्पा 1970 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शिकारीपुरा इकाई के सचिव बने.
वो आपातकाल के दौरान दो वर्षों तक वे हिरासत रहे.
1983 में पहली बार वो कर्नाटक विधानसभा के लिए चुने गए. उसके बाद से वो 1999 को छोड़कर शिकारीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
जब जनता दल सेकुलर के नेता एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़कर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन लिया तो ये तय हुआ था कि वो 20 महीनों तक मुख्यमंत्री रहने के बाद सत्ता भाजपा को सौंप देंगे.
लेकिन जब भाजपा की बारी आई तो जनता दल सेकुलर ने एक सप्ताह के भीतर ही सरकार गिरा दी.
लोगों ने इसको एक तरह का विश्वासघात माना और येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा को पहली बार 110 सीटें देकर उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ़ कर दिया.
तुनुकमिज़ाज माने जाने वाले येदियुरप्पा कन्नड के अच्छे वक्ता हैं.
येदियुरप्पा भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं.
प्रदेश स्तर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार को उनका प्रतिद्वंद्वी माना जाता है.