सोमवार, 26 मई, 2008 को 08:31 GMT तक के समाचार
नेपाल सरकार ने राजधानी काठमांडू में रैली और बैठकों के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया है.
ये प्रतिबंध नेपाल की नई सरकार के देश को गणतंत्र घोषित करने के निर्णय के संबंध में बैठक करने से दो दिन पहले लगाया गया है.
इस प्रतिबंध के तहत आने वाले क्षेत्रों में राजा ज्ञानेंद्र का महल, वह हॉल जहाँ सभासद बैठेंगे और प्रधानमंत्री का निवास स्थल शामिल हैं.
इसका मकसद विरोध प्रदर्शनों को रोकना करना है.
नेपाल में ऐतिहासिक बदलाव हुआ है. लेकिन अभी तक सरकार के बहुत कम संवैधानिक कार्य पूरे हो पाए हैं.
माओवादी पार्टी जो पहले विद्रोहियों में गिनी जाती थी, उसके हिंसा में शामिल रहने के कारण लोगों में अब भी भय व्याप्त है.
गणतंत्र की तैयारी
पिछले महीने चुनी गई संविधान सभा सदियों पुराने राजतंत्र को ख़त्म कर गणतांत्रिक ढांचा लागू कर रही है.
अभी नई सरकार बनाने की प्रक्रिया चल ही रही है. अभी तक इस बात के भी संकेत नहीं मिले हैं कि राजा ज्ञानेंद्र अपने शाही महल से किसी और निवास में चले जाएंगे.
लोगों का मानना है कि बुधवार को जब सभा पहली बार एक साथ बैठेगी तो गणतंत्र की घोषणा हो जाएगी.
फिर भी किसी भी तरह के विद्रोह या महल की तोड़फोड़ की आशंका के डर से सरकार ने शाही महल, प्रधानमंत्री के निवास स्थल के आसपास रैलियों, विरोध प्रदर्शनों और बैठकों पर प्रतिबंध लगा दिया है.
सरकार इन प्रतिबंधों को सुरक्षा बनाए रखने के लिए ज़रूरी बता रही है.