रविवार, 25 मई, 2008 को 18:38 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि कर्नाटक में केंद्र सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ जनादेश मिला है.
ग़ौरतलब है कि कर्नाटक में भाजपा विधानसभा की 224 सीटों में से 110 में जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत के क़रीब है और उसकी सरकार बनना तय है.
पहली बार किसी दक्षिण भारतीय राज्य में भाजपा अपने बूते सरकार बनाने जा रही है.
आडवाणी ने कहा कि इन नतीजों में आने वाले लोकसभा चुनावों की तस्वीर की झलक मिलती है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी का कहना था, "कर्नाटक में मिली जीत मील का पत्थर साबित होगी. यह साल राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव का साल होगा."
भाजपा नेता ने कहा कि यह कांग्रेस की 'अवसरवादी राजनीति' और जनता दल (सेक्युलर) की 'धोखे की राजनीति' की हार है.
उन्होंने इस बात से इनकार किया कि कर्नाटक की जनता ने स्थानीय मुद्दों से प्रभावित होकर मतदान किया.
उनका कहना था, "महँगाई थामने में यूपीए सरकार की नाकामी, आतंकवाद पर नरम नीति और किसानों के प्रति उसकी संवेदनहीनता से पूरे देश में आम आदमी आहत है."
जश्न का माहौल
कर्नाटक विधानसभा के नतीजों के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है.
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इन नतीजों पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के अलावा सभी को बधाई दी.
दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा, "हम बहुमत भले ही न हासिल कर पाएँ लेकिन एक बात तो साफ़ है कि हम सरकार बना रहे हैं."
राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्नाटक चुनाव के नतीजे भाजपा के आधार को और मज़बूत करेंगे और इससे दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी को सीधा-सीधा फ़ायदा मिलेगा.
कर्नाटक में चुनाव प्रभारी और भाजपा के महासचिव अरुण जेटली ने पार्टी की कामयाबी पर कहा, "कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए भाजपा के अलावा कोई और विकल्प नहीं है."
कर्नाटक चुनाव में अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने वाले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जैसी उम्मीद की गई थी वैसी ही जीत मिली. कांग्रेस की हालत पूरे भारत में बद से बदतर होती जा रही है."