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शनिवार, 24 मई, 2008 को 19:29 GMT तक के समाचार

मुशर्रफ़ के पर कतरने की तैयारी

पाकिस्तान में सत्तारुढ़ गठबंधन की प्रमुख पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ़ अली ज़रदारी ने संविधान संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिससे राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के अधिकार कम हो जाएँगे.

आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि संविधान में संशोधन के बाद राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के पास सरकार को बर्खास्त करने के अधिकार नहीं रह जाएँगे.

सेनाओं के प्रमुखों की नियुक्ति और प्रांतों के गवर्नरों की नियुक्ति के अधिकार भी राष्ट्रपति से छीनकर प्रधानमंत्री को सौंप दिए जाएँगे.

इस प्रस्ताव का लक्ष्य उन जजों की बहाली करना भी है जिन्हें परवेज़ मुशर्रफ़ ने बर्खास्त कर दिया था.

1999 में सैन्य तख़्ता पलट से राष्ट्रपति बनने वाले परवेज़ मुशर्रफ़ ने पिछले साल पाकिस्तान में लोकतंत्र बहाली की प्रक्रिया शुरु की थी.

संवाददाताओं का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग सहित गठबंधन में शामिल तीनों दलों की सहमति के बाद यह प्रस्ताव संसद में रखा जाएगा.

'महाभियोग के बदले'

उल्लेखनीय है कि नवाज़ शरीफ़ की पार्टी दो हफ़्ते पहले गठबंधन सरकार से हट गई थी क्योंकि सरकार बर्खास्त जजों को बहाल करने में नाकाम रही थी.

हालांकि नवाज़ शरीफ़ की पार्टी ने सरकार को बाहर से समर्थन देना जारी रखा हुआ है.

पीपीपी की नेता बेनज़ीर भुट्टो की दिसंबर में हुई हत्या के बाद पार्टी को संभाल रहे उनके पति ज़रदारी ने संवाददाताओं से कहा, "हम उन्हें (परवेज़ मुशर्रफ़ को) महाभियोग के ज़रिए हटाने की बजाय इस तरह हटने का रास्ता देना चाहते हैं."

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भी संवैधानिक राष्ट्रपति नहीं माना.

हालांकि उन्होंने यह ज़रूर कहा है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से कामकाज के रिश्ते बने रहेंगे और उनसे संवैधानिक प्रावधानों पर भी चर्चा की जाएगी.