शनिवार, 24 मई, 2008 को 14:41 GMT तक के समाचार
भारत की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा के बहुचर्चित आरुषि हत्याकांड में गिरफ़्तार आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार के बचाव में उनकी पत्नी डॉक्टर नूपुर तलवार आगे आई हैं.
डॉक्टर नूपुर ने शनिवार को एक भारतीय समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि उनके पति डॉक्टर राजेश तलवार निर्दोष हैं और हत्यारे अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
आरुषि की माँ डॉक्टर नूपुर ने पुलिस के उन दावों को भी ग़लत ठहराया कि उनके पति डॉक्टर राजेश तलवार के किसी और महिला के साथ विवाहेत्तर संबंध बन गए थे.
आरुषि हत्याकांड के बारे में शुक्रवार को पुलिस ने दावा किया था कि आरुषि और परिवार के नौकर हेमराज की हत्या डॉक्टर राजेश तलवार ने ही की.
चौदह वर्षीय आरुषि का शव 16 मई 2008 की सुबह घर में मिला था.
पुलिस ने शुरुआती जाँच के बाद कहा था कि आरुषि की गर्दन पर किसी तेज़ हथियार या किसी अन्य चीज़ से वार हुआ.
पुलिस के अनुसार ऐसी ही परिस्थितियों में डॉक्टर राजेश तलवार के परिवार के नौकर हेमराज का शव भी एक दिन बाद उनके घर की छत पर मिला था.
दिल्ली के मीडिया में इस मामले की ख़ासी चर्चा थी और कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं.
डॉक्टर राजेश तलवार इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और उन्होंने अपने वकील के माध्यम से नोएडा की अदालत में ज़मानत के लिए आवेदन दिया है जिस पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है.
'तलवार ही मुख्य अभियुक्त'
उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन करके आरुषि के पिता डॉक्टर राजेश तलवार की गिरफ़्तारी की घोषणा की थी.
आरुषि की माँ डॉक्टर नूपुर ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "यह संभव नहीं है, बिल्कुल नहीं. हत्यारा पकड़ में नहीं आया है. हमें यह लड़ाई न्यायालय में लड़नी होगी. सच्चाई सामने नहीं आई है."
उत्तर प्रदेश में मेरठ ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षणक (आईजी) गुरदर्शन सिंह ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि पुलिस जाँच में पाया गया कि डॉक्टर राजेश इस मामले में मुख्य अभियुक्त हैं और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.
हालाँकि पुलिस ने सबूतों और गिरफ़्तारी के आधार की पुष्ट जानकारी नहीं दी थी और इतना ही कहा था कि जो अभी तक की विवेचना है, उसी के आधार पर मृतक लड़की के पिता को गिरफ़्तार किया गया है.
पुलिस ने अब तक किसी और संदिग्ध या अभियुक्त को गिरफ़्तार नहीं किया है और अभी इस मामले की जाँच चल ही रही है.
नौकर के ख़िलाफ़ पर्चा
आरुषि के माता-पिता शहर के जाने-माने चिकित्सक हैं और आरुषि दिल्ली पब्लिक स्कूल, नोएडा की छात्रा थीं.
आरुषि की हत्या के बाद उनके पिता डॉक्टर राजेश ने जो प्राथमिकी दर्ज कराई थी उसमें अपने नौकर हेमराज को नामज़द किया था.
पुलिस का आरोप है कि डॉक्टर राजेश ने घर पर पुलिस को न टिकने देने के लिए भावुकता का सहारा लिया था और पुलिस से कहा था कि उनके घर को छोड़कर हत्यारे की तलाश पर ज़ोर दिया जाए.
पर एक दिन बाद यानी 17 मई को दिन में पुलिस ने नौकर हेमराज का शव भी डॉक्टर राजेश तलवार के घर की छत से बरामद कर लिया था.
पुलिस का कहना है कि दोनों शवों के पोस्टमार्टम के बाद यह बात सामने आई कि दोनों हत्याओं में एक ही तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया.
अनसुलझे सवाल
आईजी गुरदर्शन सिंह का कहना था कि अभी तक की विवेचना के मुताबिक यह पता चला है कि डॉक्टर राजेश तलवार ने अपने कुछ संबंध- जिनकी जानकारी उनकी बेटी आरुषि को थी- उन्हें छिपाने के लिए ऐसी घटना को अंजाम दिया है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरुषि के अलावा डॉक्टर तलवार के नौकर को भी उनके इन संबंधों की जानकारी थी.
हालाँकि पुलिस इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं कर सकी कि दोहरे हत्याकांड को राजेश तलवार ने अकेले अंजाम दिया या फिर उनके साथ कोई और भी था.
एक सवाल यह भी है कि हत्या के बाद डॉक्टर ने नौकर का नाम क्यों लिया और यदि उसकी हत्या की तो उसका शव क्यों नहीं ग़ायब किया? उसे छत पर ही क्यों छोड़ दिया जहाँ शव से उठने वाली दुर्गंध उनके लिए समस्या बन सकती थी?
पुलिस अभी तक यह दोहरा रही है कि हत्या में हथौड़ी और सर्जिकल चाकू का इस्तेमाल हुआ है पर वह अब तक कोई भी हथियार बरामद नहीं कर सकी है.
पुलिस के पास इस मामले में कोई चश्मदीद गवाह भी नहीं है.
हत्या से जुड़े कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं और पुलिस उनके बारे में कोई साफ़ तर्क नहीं रख सकी है.