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शुक्रवार, 23 मई, 2008 को 02:22 GMT तक के समाचार

पेट्रोल, डीज़ल के दाम बढ़ने की संभावना

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में लगातार हो रही रिकॉर्ड वृद्धि के मद्देनज़र भारत में पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाए जा सकते हैं.

पेट्रोलियम मंत्री मुरली देओरा ने शुक्रवार को कहा, "हमें इन कंपनियों के घाटे को देखते हुए कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. इस बारे में तीन-चार दिनों के भीतर कोई फ़ैसला किया जाएगा."

उनका कहना था, "हमनें इस बारे में प्रधानमंत्री से बात की है. हमें जल्दी कोई फ़ैसला करने की ज़रूरत है."

वहीं पेट्रोलियम सचिव एमएस श्रीनिवासन ने कहा है कि मौजूदा स्थिति पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतें बढ़ाना ज़रूरी हो गया है.

भारत में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन तेल और एलपीजी गैस सिलेंडर सब्सिडी के कारण बाज़ार भाव के कम क़ीमत पर बिकते हैं.

लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में क़ीमतें बढ़ने से सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम को दो लाख करोड़ रूपए का घाटा होने की संभावना जताई जा रही है.

भारत अपनी ज़रूरतों का 70 फ़ीसदी तेल आयात करता है.

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल का भाव 135 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुँच गया.

कुछ विश्लेषकों की राय में ये दाम इस वर्ष के आख़िर तक दो सौ डॉलर तक पहुँच सकता है.

क़ीमतें बढ़ने के बावजूद तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने उत्पादन बढ़ाने से इनकार कर दिया है.

ओपेक महासचिव का तर्क है कि आपूर्ति घटी नहीं है बल्कि अमरीकी डॉलर की क़ीमत घटने और सटोरियों की गतिविधियों के कारण भाव बढ़ा है.

पेट्रोलियम मंत्री का बयान

भारतीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देओरा ने पेट्रोल और डीजल के भाव बढ़ाने की संभावना पर कहा, "हम उन सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं जिनसे तेल मार्केटिंग कंपनियों के हितों की रक्षा हो सके."

उन्होंने शुक्रवार सुबह तीनों तेल मार्केटिंग कंपनियों के प्रमुखों की बैठक बुलाई.

पेट्रोलियम मंत्री ने उन रिपोर्टों को निराधार बताया है जिसमें कहा गया है कि पेट्रोलियम पदार्थों की राशनिंग की जा सकती है.

उन्होंने कहा, "हम तेल कंपनियों की समस्याओं का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ ऐसे उपाय हैं जिन पर विचार किया जा रहा है."