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शुक्रवार, 23 मई, 2008 को 22:19 GMT तक के समाचार

फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता

सीआरपीएफ़ की गोली से दो की मौत

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 'नक्सलियों को तलाश करने गए' अर्ध सैनिक बल केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल ने आम लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी जिसमें एक ढाई साल का बच्चा और एक महिला मारे गए.

गुरूवार आधी रात के बाद चेरपाल सरकारी सलवा जुडूम कैंप में हुई इस घटना में पुलिस के अनुसार दो और लोग घायल हुए हैं जिसमें एक महिला है और एक बच्चा.

घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि सीआरपीएफ़ ने शिविर के चार नौजवानों को बंदी बना लिया है. बाद में पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई.

आम लोगों ने चेरपाल घटना के विरोध में शुक्रवार को बीजापुर और चेरपाल बाज़ार बंद रखा.

पुलिस अधीकक्षक अंकित गर्ग ने बीबीसी को बताया, "सीआरपीएफ़ को यह सूचना मिली थी की कैंप में कुछ नक्सली घुस आए हैं जिसके बाद रात में तलाशी शुरू हुई; इसी दौरान कुछ लोग वहाँ से भागने लगे और एक जवान ने गोली चली दी जिसमें एक महिला और बच्चा मारा गया."

फायरिंग करने वाले व्यक्ति का नाम बताने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया है और गोली चलाने वाले जवान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

अलग क़िस्सा

हालांकि कैम्प के लोगों ने घटना स्थल पर गए लोगों को कुछ अलग ही क़िस्सा बताया.

मानव अधिकार कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने बीबीसी को बताया कि कैंप के लोगों के अनुसार कल देर रात सीआरपीएफ़ के लोग शिविर के पास ही बने अपने डेरे से वहाँ पहुँच गए और लोगों को उनकी झोपड़ियों से बाहर निकाल कर सड़क पर बिठा कर गाली गलौज कर ही रहे थे कि उनके एक अफ़सर ने कहा कि अगर कोई भी कुछ कहे तो गोली चला दो; ठीक उसके बाद एक जवान ने गोली चलाई जिसमें दो लोगों कि मौत हो गई.

इस घटना के बाद वहाँ इतना रोष फैला की सारी टोली वहाँ से अपने डेरे कि तरफ़ लौट गयी मगर जाते जाते वह अपने साथ चार नौजवानों को भी लेते गए.

कई जगह ख़बर है कि उन नौजवानों कि सीआरपीएफ़ कैंप में बुरी तरह से पिटाई की गई है और बाद में पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई.

हिमांशु कुमार का कहना है कि गाँव वालों को डर है कि इन लोगों को पुलिस नक्सली बताकर कहीं कैंप में हुई घटना का आरोप उन पर न थोप दे.