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गुरुवार, 22 मई, 2008 को 01:41 GMT तक के समाचार

सिंगूर और नंदीग्राम में वाम मोर्चे की हार

पश्चिम बंगाल में हुए पंचायत चुनावों में नंदीग्राम और सिंगूर में सत्तारूढ़ वाम मोर्चे को तगड़ा झटका लगा है. हालाँकि अन्य ज़िलों में वाम मोर्चे को बढ़त मिली है.

विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईज़ेड) के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर हिंसा का शिकार रहे सिंगूर और नंदीग्राम में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है.

पूर्वी मिदनापुर ज़िले में ज़िला परिषद की 53 सीटों में से 36 तृणमूल कांग्रेस के कब्ज़े में आई है.

तीन चरणों में हुए पंचायत चुनावों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और दस से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

पिछले पंचायत चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीएम के नेतृत्व में वाम मोर्चे ने नंदीग्राम की 24 में से 19 पंचायत समितियों में जीत हासिल की थी.

ममता का बयान

सिंगूर में भी वाम मोर्चे को झटका लगा है. टाटा की छोटी कार के प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण और फिर इसी वजह से हिंसा का शिकार रहे सिंगूर में तृणमूल कांग्रेस ने वाम दलों के क़ब्ज़े से तीनों ज़िला परिषद सीटें छीन लीं.

सिंगूर और नंदीग्राम के चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने कहा कि यह राज्य में सीपीएम के नेतृत्व वाली वाम मोर्चे की सरकार के अंत की शुरुआत है.

उन्होंने चुनावों को सिंगूर में टाटा के प्रोजेक्ट के ख़िलाफ़ जनमत भी बताया.

वाम मोर्चे के परंपरागत गढ़ दक्षिण चौबीस परगना में सीपीएम को 1978 के बाद पहली बार ज़िला परिषद में हार का सामना करना पड़ा है.

यहाँ ग्राम पंचायत की 73 में से 34 पर तृणमूल ने जीत दर्ज की है, जबकि पांच पर उसकी सहयोगी सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर के उम्मीदवार जीते हैं.