बुधवार, 21 मई, 2008 को 15:58 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित कश्मीर के प्रमुख अलगाववादी नेता मीरवाइज़ मौलवी उमर फ़ारूक़ ने भारत और पाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्षों से अपील की है कि कश्मीर मामले को लेकर अगला सम्मेलन वे कश्मीर में ही करें और बातचीत में कश्मीरी प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए.
सर्वदलीय हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के उदारवादी धड़े के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने दोनों देशों के बीच 20 और 21 मई को इस्लामाबाद में हुई बातचीत की सराहना की है.
मौलवी उमर फ़ारूक़ ने कहा, "मैं भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को कश्मीर में बातचीत आयोजित करने का निमंत्रण देता हूँ. ऐसा कोई पहला सम्मेलन भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में हो और फिर दूसरा सम्मेलन पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फराबाद में हो."
उमर फ़ारूक़ ने दोनों देशों की इस तरह की बातचीत में कश्मीर के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की माँग की है.
बुधवार को उमर फ़ारूक़ ने श्रीनगर में अपने पिता मौलवी मोहम्म्द फ़ारूक़ और सर्वदलीय हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के नेता अब्दुल ग़नी लोन की बरसी पर एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही.
वर्ष 1990 में एक अज्ञात हमलावर ने मौलवी मोहम्म्द फ़ारूक़ की हत्या कर दी थी.
उधर एक अन्य घटनाक्रम में सर्वदलीय हुर्रियत कान्फ्रेंस से कट्टर धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के श्रीनगर के प्रस्तावित दौरे के विरोध में शनिवार को आम हड़ताल रखने की अपील की है.
कश्मीर विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम के सिलसिले में शुक्रवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के श्रीनगर जाने का कार्यक्रम है.
गिलानी का कहना है कि भारत कश्मीर मसले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को धोखा दे रहा है.