बुधवार, 21 मई, 2008 को 10:16 GMT तक के समाचार
भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाक़ात के बाद कहा है कि शांति वार्ता में प्रगति 'आंतक मुक्त' माहौल में ही हो सकती है.
पाकिस्तान दौरे पर गए भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी वहाँ के नेताओं के साथ द्विपक्षीय शांति वार्ता की समीक्षा कर रहे हैं.
उन्होंने बुधवार को पहले राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से बातचीत की और फिर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी से मुलाक़ात की.
पाकिस्तान में नई सरकार के गठन के बाद पहली बार दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हो रही है.
पिछले साल के आख़िर में पाकिस्तान में राजनीतिक गतिरोध कायम होने के बाद आपसी बातचीत रोक दी गई थी.
दोनों देशों के अधिकारियों के बीच मंगलवार को बातचीत हुई. उनका कहना था शांति प्रक्रिया आगे बढ़ी है लेकिन किसी अंतिम नतीजे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
पिछले चार वर्षों से दोनों देश आपसी रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं लेकिन कश्मीर के मुद्दे पर ख़ास प्रगति नहीं हो सकी है.
हालाँकि रेल-सड़क संपर्क बहाल करने और परमाणु सुरक्षा के उपायों पर बातचीत आगे बढ़ाने जैसे परस्पर विश्वास बहाली के क़दमों से रिश्तों में गर्माहट आई है.
सहयोग
प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाक़ात की है और कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में प्रगति 'आंतक मुक्त' वातावरण में ही हो सकती है.
उन्होंने पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से भी बातचीत की है.
भारतीय विदेश मंत्री ने अपनी ओर से जारी बयान में कहा, "हम सहयोग, विश्वास और व्यावहारिक आधार पर बातचीत कर रहे हैं."
उधर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक़ का कहना था, "हम सकारात्मक है और ढेर सारी उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं. हम बातचीत में प्रगति कर रहे हैं."
दोनों देशों के बीच बातचीत का एजेंडा अगले दौर की शांति वार्ता के लिए ज़रुरी आधार तैयार करना है.
भारतीय विदेश मंत्री पाकिस्तानी नेताओं से बातचीत कर नई सरकार की भारत नीति समझना चाह रहे हैं.