मंगलवार, 20 मई, 2008 को 06:04 GMT तक के समाचार
कर्नाटक और तमिलनाडु में ज़हरीली शराब पीने से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है. एक अन्य घटना में मंगलवार को बंगलौर ज़िले के बाहरी इलाक़े में ज़हरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई.
कर्नाटक से सटे तमिलनाडु के कृष्णागिरी ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से 43 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कोलार ज़िले के दो गाँवों में मरने वालों की संख्या बढकर 19 हो गई है.
कर्नाटक के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने शराब पीने से मरने वालों के परिवार को 50 हज़ार रुपए देने की घोषणा की है, साथ ही जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है उसका खर्च कर्नाटक सरकार उठाएगी.
उधर कृष्णागिरी ज़िले के ज़िलाधिकारी ने मरने वालों के सगे संबंधियों को 10 हज़ार रुपए का मुआवजा दिया.
उन्होंने कहा कि इनमें अधिकतर मज़दूर थे जो राज्य की सीमा के दूसरी ओर काम करते थे. वे सभी सीमांत इलाक़े अडनाइकल से शराब पीकर आए थे या वहाँ से शराब लेकर आए थे.
होसूर और देंगेनाकोट्टाई के अस्पतालों में 30 अन्य लोग भर्ती हैं.
इस बीच कर्नाटक पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए अभियान तेज़ कर दिया है और कच्ची शराब बनाए जाने के ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं.
इस संबंध में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
जाँच की माँग
कर्नाटक में 22 मई को तीसरे चरण का चुनाव होना है. इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु से राजनीतिक दल नाराज़ हैं. विपक्ष इस घटना की जाँच की माँग कर रहा है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि शराब में इथेनॉल मिला दिया गया था.
पिछली दस मई को हुए पहले चरण के मतदान के तहत कोलार में भी मतदान हुआ था.
इस घटना के विरोध में स्थानीय नागरिकों ने बंगलौर-चेन्नई मार्ग को कुछ समय के लिए अवरुद्ध कर दिया.
उनकी माँग थी कि उनके गाँव में कच्ची शराब बनाने वाली भट्टियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और अपराधियों को गिरफ़्तार किया जाए.