रविवार, 18 मई, 2008 को 13:50 GMT तक के समाचार
गोधरा काँड और उसके बाद गुजरात में हुए दंगों की जाँच कर रहे नानावती आयोग के सदस्यों ने रविवार को गोधरा का दौरा किया.
जाँच आयोग के दोनों सदस्यों जस्टिस जीटी नानावती और जस्टिस अक्षय मेहता ने गोधरा रेलवे स्टेशन और साबरमती एक्सप्रेस के जले हुए डब्बे का मुआयना किया.
दो सदस्सीय जाँच आयोग रविवार सुबह गोधरा पहुँचा. आयोग के सदस्यों ने पहले उस जग़ह का मुआयना किया जहाँ साबरमती एक्सप्रेस की एस-छह बोगी जली थी.
नानावती आयोग का सदस्य बनने के बाद जस्टिस अक्षय मेहता का यह पहला गोधरा दौरा था.
आयोग ने साबरमती एक्सप्रेस के जले हुए डब्बे का भी मुआयना किया. इसके बाद आयोग अहमदाबाद लौट गया.
जाँच
साबरमती एक्सप्रेस की एस-छह बोगी को 27 फ़रवरी 2002 को गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर कथित रूप से जला दिया गया था.
इस हादसे में 58 लोगों की जलकर मौत हो गई थी. जिसके बाद गुजरात में दंगे भड़क उठे थे. इन दंगों में हज़ारों लोग मारे गए थे.
गुजरात सरकार ने गोधरा कांड की जाँच के लिए जस्टिस केजी शाह आयोग का गठन किया था.
बाद में जस्टिस जीटी नानावती को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया गया और जाँच का दायरा बढ़ाकर गोधरा कांड के बाद हुए गुजरात दंगों को भी इसमें शामिल कर दिया गया.
जस्टिस केजी शाह की मौत के बाद इस वर्ष सात अप्रैल को जस्टिस अक्षय मेहता को इस जाँच आयोग सदस्य बनाया गया था. नानावती आयोग पिछले छह साल से इस मामले की सुनवाई कर रहा है.