शनिवार, 17 मई, 2008 को 07:31 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत तारिक़ अज़ीज़ुद्दीन को उनके अपहर्ताओं ने रिहा कर दिया है. क़रीब तीन महीने पहले संदिग्ध इस्लामी चरमपंथियों ने उनका अपहरण कर लिया था.
फ़रवरी में पाकिस्तान से अफ़ग़ानिस्तान जाते समय, पाकिस्तान के दर्रा ख़ैबर के सीमावर्ती क़बायली इलाक़े में लापता हो गए थे.
अप्रैलव में एक अरबी टीवी चैनल अल-अरेबिया पर प्रसारित वीडियो में तारिक़ ने ही बताया कि वे 'तालेबान के मुजाहिदों' ने उनका अपहरण किया है. वीडियो में तारिक़ अज़ीज़ुद्दीन के आस-पास हथियारबंद लोग खड़े थे.
उनके साथ उनके अंगरक्षक और ड्राइवर का भी अपहरण हुआ था लेकिन ये फ़िलहाल संपष्ट नहीं है कि उन्हें भी रिहा किया गया है या नहीं.
जिस इलाक़े से तारिक़ को अगवा किया गया था वहाँ के ज़्यादातर लोग तालेबान से हमदर्दी रखते हैं और उनके लड़ाके अफ़ग़ानिस्तान में विदेशी सैनिकों से लड़ रहे हैं.
'राजदूत के बदले कमांडर'
वीडियो में राजदूत ने पाकिस्तान सरकार से अपील की थी कि वो अपहर्ताओं की माँगें मान ले.
वीडियो में तारिक़ कह रहे थे,"मुझे, मेरे ड्राइवर और अंगरक्षक को बंदी बनाया गया है. मुझे आरामदायक परिस्थितियों में रखा गया है और हमारा पूरा ध्यान रखा जा रहा है."
उन्होंने कहा था, "हमें तालेबान के लड़ाकों ने पकड़ कर रखा हुआ है. मैं दिल की बीमारी से पीड़ित हूँ और रक्त चाप भी ज़्यादा है."
फ़रवरी में तालेबान के प्रवक्ता ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना ने उनके कमांडर को पकड़ा है और वे चाहते हैं कि राजदूत के बदले कमांडर को रिहा किया जाए.
अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा के बीच कई ऐसे इलाक़े हैं जिन्हें तालेबान समर्थक लोगों का गढ़ माना जाता है.
पिछले कुछ सालों में यहाँ से कई लोगों का अपहरण हो चुका है.