शुक्रवार, 16 मई, 2008 को 07:43 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
पुलिस का कहना है कि जयपुर में हुए बम विस्फोटों के मामले में कथित हमलावरों के और स्केच जारी किए जा सकते हैं.
पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों और साइकिल विक्रेताओं के बयान के आधार पर चार स्केच जारी कर चुकी है. लेकिन पुलिस का कहना है कि इन विस्फोटों के पीछे चार से अधिक लोगों के शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं.
इस बीच शुक्रवार को पुराने जयपुर शहर में कर्फ़्यू न लगाने का फ़ैसला किया गया है लेकिन प्रशासन ने धारा 144 लागू कर रखी है.
मंगलवार को हुए विस्फोट के बाद से पुराने जयपुर शहर में दिन का कर्फ़्यू लगाया जा रहा था.
उल्लेखनीय है कि पुराने जयपुर शहर में सिलसिलेवार बम विस्फोटों में 63 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से अधिक घायल हुए थे.
केंद्र सरकार का कहना है कि विस्फोटों की जाँच में अब तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है.
और स्केच
पुलिस ने कथित हमलावरों के कुल चार स्केच जारी किए हैं.
एक स्केच बुधवार को जारी किया गया था और तीन स्केच गुरुवार की शाम को जारी किए गए.
जयपुर के पुलिस महानिरीक्षक पंकज सिंह का कहना है कि बम विस्फोटों में साइकिलों का इस्तेमाल किया गया था और पुलिस ने साइकिल विक्रेताओं और उनके कर्मचारियों के बयान के आधार पर ये स्केच तैयार किए गए हैं.
इसके लिए पुलिस ने कुछ प्रत्यक्षदर्शियों से भी बात की है.
अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जाँच से लगता है कि हमले में चार से अधिक लोग शामिल रहे होंगे और पुलिस उन लोगों के हुलिया जानने की कोशिशों में लगी हुई है.
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्दी ही संदिग्ध हमलावरों के और स्केच जारी किए जा सकते हैं.
प्रार्थना सभा
गुरुवार की शाम छह बजे के बाद जब कर्फ़्यू में ढील दी गई तो विभिन्न धर्मों के नेताओं ने एकत्रित होकर प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया.
सबसे बड़ी प्रार्थना सभा बड़ी चौपड़ पर हुई जिसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख धर्म के नेताओं और लोगों ने इकट्ठे होकर कोई सवा घंटे तक प्रार्थनाएँ कीं.
इन लोगों ने विस्फोटों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए 65 मोमबत्तियाँ भी जलाईं.
जिन जगहों पर प्रार्थना सभाएँ आयोजित की गईं उनमें रामगंज और मानक चौक भी शामिल हैं.
बांग्लादेशियों की धर-पकड़
मंगवार के विस्फोटों के बाद बुधवार से जयपुर पहुँचकर स्थिति का जायज़ा लेने और शहर के लोगों को ढाढ़स बंधाने वाले राजनीतिक नेताओं का ताँता लगा हुआ था.
प्रशासन के मुताबिक़ शुक्रवार को शहर में विश्वहिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल के अलावा कोई बड़ा नेता नहीं आ रहा है.
अस्पतालों में अभी भी सौ से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है.
इस बीच राजस्थान पुलिस ने राज्य भर में बांग्लादेशियों की धर-पकड़ शुरु की है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अजमेर में आठ बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है.
अजमेर के पुलिस अधीक्षक आनंद श्रीवास्तव के अनुसार इन सभी को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा.