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गुरुवार, 15 मई, 2008 को 07:52 GMT तक के समाचार

मायावती के मामले में केंद्र को नोटिस

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है.

यह नोटिस मायावती की उस याचिका के आधार पर जारी किया गया है जिसमें उन्होंने आय से अधिक संपत्ति के मामले में चल रही सीबीआई जाँच को ख़त्म करने का अनुरोध किया था.

मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाले दो सदस्यीय पीठ ने इस मामले में कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने मायावती की याचिका पर सीबीआई से भी पक्ष रखने को कहा है.

उल्लेखनीय है कि बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख मायावती के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले में पाँच अक्तूबर 2003 को सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी.

ताज कॉरिडोर मामले की जाँच करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने यह क़दम उठाया था.

मायावती का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति की जाँच करना अवैधानिक है क्योंकि एक तो इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति नहीं ली गई.

और दूसरा सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की ग़लत ढंग से व्याख्या कर ली है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ़ ताज कॉरिडोर मामले की जाँच करने के आदेश दिए थे.

इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होनी है.

ताज कॉरिडोर मामला

उल्लेखनीय है कि मायावती के मुख्यमंत्री रहते हुए ताज महल के पास एक व्यावसायिक परिसर बनाए जाने की कोशिश की गई थी जिसपर पुरातत्वविदों और विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई थी.

ताज हेरिटेज कॉरिडोर नामक इस परियोजना पर 175 करोड़ रूपए की लागत आनी थी जिसमें से 17 करोड़ रुपए जारी भी कर दिए गए थे.

इसके तहत ताजमहल को आगरा के किले और इस क्षेत्र के अन्य स्मारकों से जोड़ा जाना था. साथ ही, ताजमहल के पास संरक्षित परिसर में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाने की भी योजना थी.

जब यह परियोजना शुरु हुई तब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं और आरोप लगाए गए थे कि ताज कॉरिडोर परियोजना में ग़ैर-ज़रूरी तेज़ी दिखाई गई थी.