गुरुवार, 15 मई, 2008 को 04:50 GMT तक के समाचार
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा पर हुई गोलीबारी पर चिंता जताई है
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वो नियंत्रण रेखा पर होने वाली फ़ायरिंग से चिंतित हैं और अगले हफ़्ते भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली बातचीत में घुसपैठ और आतंकवाद के मुद्दे पर ही चर्चा की जानी चाहिए.
पत्रकारों के सवालों के जवाब में प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की दोबारा 'पोटा' क़ानून लगाए जाने की मांग भी खारिज कर दी.
प्रधानमंत्री ने कहा, " पोटा का चरमपंथी हमलों से कोई लेना-देना नहीं है."
भाजपा ने मंगलवार को जयपुर में हुए बम धमाकों के बाद मांग की थी कि देश में एक बार फिर 'पोटा' क़ानून लागू कर दिया जाना चाहिए.
पोटा से इनकार
प्रधानमंत्री ने कहा, "पोटा से आख़िर हासिल क्या हुआ है. संसद और अक्षरधाम मंदिर पर हमले उस वक्त हुए थे जब देश में पोटा क़ानून लागू था."
प्रधानमंत्री ने कहा, "देश में आतंकवाद से निपटने वाले क़ानूनों की कमी नहीं है."
मनमोहन सिंह से जब ये पूछा गया कि जयपुर बम धमाकों के पीछे किसका हाथ है ?
इस पर प्रधानमंत्री ने साफ़-साफ़ कुछ नहीं कहा. लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-पाक बातचीत के दौरान सभी मुद्दों को उठाया जाएगा.
उनका कहना था, "इस बैठक के दौरान उन सारे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी जो दोनों देशों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं."
नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी
पिछले गुरुवार को नियंत्रण रेखा पर भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ़ से ज़ोरदार फ़ायरिंग हुई थी.
बाद में भारतीय सेना की तरफ़ से बयान आया था कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने ये फ़ायरिंग घुसपैठ के नज़रिए की थी.
इसी बयान में कहा गया था कि इस फ़ायरिंग के दौरान कुछ चरमपंथी नियंत्रण रेखा पार करके भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में घुस आए थे.
इस घटना के दो-तीन दिन बाद ही जम्मू के सांबा सेक्टर में चरमपंथियों ने हमला कर दिया था.
इस हमले में एक जवान सहित पाँच लोग मारे गए थे. बाद में सेना ने कुछ चरमपंथियों को भी मार दिया था.