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गुरुवार, 15 मई, 2008 को 09:23 GMT तक के समाचार

'जाँच में अब तक कोई सफलता नहीं'

भारत के वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि जयपुर में मंगलवार को हुए विस्फोटों की जाँच में अब तक कोई सफलता नहीं मिली है.

वित्तमंत्री का बयान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुए मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आया है जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने जयपुर में हुए विस्फोट और जाँच के बारे में जानकारी दी.

इससे पहले बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने दावा किया था कि सरकार के पास विस्फोट करने वालों को लेकर सुराग मिल चुके हैं.

और गृहराज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने तो इस मामले में 'एक पड़ोसी देश' के हाथ होने के भी संकेत दिए थे.

उल्लेखनीय है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार को हुए सात सिलसिलेवार बम धमाकों में 63 लोगों की मौत हो गई थी और दो सौ से अधिक लोगों के घायल हुए हैं.

'सफलता नहीं'

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों को वित्तमंत्री चिदंबरम ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन और कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर ने बम विस्फोट के बारे में जानकारी दी है.

इन दोनों ने विस्फोटों की जाँच के बारे में भी मंत्रिमंडल को सूचित किया है.

यह पूछे जाने पर कि क्या जाँच में कोई सफलता मिली है, उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता कि अभी हम ऐसी स्थिति में पहुँचे हैं जहाँ हम कह सकें कि हमें कोई सफलता मिल गई है."

समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार जब उनसे पूछा गया कि क्या राजस्थान भी गुजरात के रास्ते जा रहा है, उन्होंने कहा कि क़ानून और व्यवस्था राज्य और केंद्र सरकार की साझा ज़िम्मेदारी है.

उनका कहना था कि ख़ुफ़िया सूचनाएँ जुटाना और ऐसी हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए ऐहतियाती क़दम उठाना राज्य की भी ज़िम्मेदारी है.

ज़िम्मेदारी

इस बीच मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि चरमपंथी संगठन 'इंडियन मुजाहिदीन' की एक सहयोगी संस्था 'गुरु-अल-हिंदी' ने मंगलवार को हुए विस्फोटों की ज़िम्मेदारी ली है.

बुधवार की रात कुछ टेलीविज़न चैनलों को भेजे गए ईमेल में संगठन ने यह ज़िम्मेदारी स्वीकार की है और सबूत के तौर पर उस साइकिल का फ़्रेम नंबर भी भेजा है जिस पर विस्फोटक रखकर कथित रुप से विस्फोट किया गया था.

ईमेल में तीन वीडियो क्लिप भी भेजे गए हैं जो मोबाइल फ़ोन से लिए गए हैं.

समाचार एजेंसियों के अनुसार टीवी चैनलों ने ये ईमेल पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग को बढ़ा दिए हैं.

इस ईमेल में कथित रुप से भारत को चेतावनी दी गई है कि वह अमरीका से दूर रहे वरना इसी तरह के और हमले झेलने के लिए तैयार रहे.

इस बीच ख़बर आई है कि पुलिस ने यह पहचान कर ली है कि ईमेल कहाँ से भेजा गया था और सूचनाओं के आधार पर उत्तरप्रदेश के साहिबाबाद से साइबर कैफ़े चलाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

उनसे पूछताछ की जा रही है.