मंगलवार, 13 मई, 2008 को 14:20 GMT तक के समाचार
सलमान रावी
बीबीसी संवाददाता, राँची
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) 15 मई को बिहार और झारखण्ड में 24 घंटों के बंद का आह्वान किया है.
संगठन ने अपने पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रमोद मिश्रा की गिरफ्तारी के विरोध में बंद का आह्वान किया है.
प्रमोद मिश्रा को धनबाद के विनोद नगर इलाक़े से शनिवार की रात गिरफ्तार किया गया था.
मंगलवार को धनबाद पुलिस ने उन्हें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
संगठन नें आरोप लगाया है की प्रमोद मिश्रा को पुलिस ने यातना दी है और यह बंद इसी के विरोध में बुलाया गया है.
नेपाल से संबंध
हालाँकि सुरक्षा एजेंसियाँ और पुलिस प्रमोद मिश्रा के बयान से स्तब्ध है.
पुलिस सूत्रों नें बताया कि पूछताछ के दौरान प्रमोद मिश्रा ने स्वीकार किया है कि नेपाल के माओवादियों और भारतीय माओवादियों में अच्छा सामंजस्य है.
पहले पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ यह मान कर चल रहीं थीं के नेपाल के माओवादियों और भारतीय माओवादियों में सैद्धांतिक मतभेद हैं.
मगर पुलिस का कहना है कि प्रमोद मिश्रा के बयान से वह दंग है.
पुलिस के अनुसार प्रमोद मिश्रा ने कई सालों तक नेपाल में रहकर संगठन को मज़बूत करने का काम किया है.
वह वर्ष 2000 में नेपाल गए थे और उन्होंने नेपाली माओवादी नेताओं के साथ मिलकर काम भी किया.
पुलिस का दावा है के संगठन के मुखपत्र "लाल पताका" में भी मिश्रा और नेपाली माओवादी नेताओं के बीच हुई मुलाक़ात का उल्लेख किया गया है.
इसके अलावा, पुलिस का कहना है कि "लाल पताका" में जारी कि गई रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल बिहार के जमुई जिले के जंगलों में हुई भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) कि नौवीं कांग्रेस का उद्घाटन पुष्प कमल दहल प्रचंड ने किया था.
यह अधिवेशन पन्द्रह दिनों तक चला था मगर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लग पाई थी.
पुलिस का दावा है कि नेपाल के माओवादियों और भारत के माओवादियों में रिश्तों के बारे में इस बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि वर्ष 2001 में छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले में तत्कालीन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी- पीपुल्स वार) के अधिवेशन में नेपाली माओवादियों ने भी अपने प्रतिनिधि भेजे थे.
पुलिस का कहना है कि उस समय नेपाली दल का नेतृत्व किया था कामरेड गौरव ने. वर्ष 2005 के सितम्बर माह में पीपुल्स वार और माओइस्ट कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी) का विलय हुआ था.
बहरहाल झारखण्ड और बिहार कि पुलिस प्रमोद मिश्रा को रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेगी ताकि संगठन के बारे में और जानकारियाँ मिल सकें.