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रविवार, 11 मई, 2008 को 08:04 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर

चार पाकिस्तानी नागरिक गिरफ़्तार

राजस्थान में शनिवार को मुनाबाओ स्टेशन पर दस्तावेज़ों में हेराफेरी करने के कारण थार एक्सप्रेस पर सवार होते चार पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है.

इस तरह से अकेले राजस्थान में पिछले एक महीने में यात्रा काग़ज़ातों और वीज़ा में हेराफेरी करने के आरोप में अब तक 29 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.

हिरासत में लिए गए अधिकतर लोग पाकिस्तानी नागरिक है.

पुलिस के मुताबिक़ इन तमाम लोगों के वीज़ा काग़ज़ातों में कांट-छांट पाई गई है.

हिरासत में लिए गए लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने काग़ज़ात और वीज़ा दस्तावेज़ एजेंटों के ज़रिए हासिल किए थे.

इन लोगों का कहना है कि उन्हें इस बात का पता नहीं है कि उनके दस्तावेज़ों में गड़बड़ी किस तरह से है.

इस बीच सामाजिक संगठनों का कहना है कि दोनों देशों के बीच कठोर यात्रा नियमों के कारण ही ये सारी दिक्कतें आ रही हैं.

दस्तावेज़ में गड़बड़ी

गिरफ़्तार किए गए सभी लोगों के काग़ज़ातों में वीज़ा अवधि में बढ़ोतरी करने, उन शहरों में जाना जहाँ कि उन्हें अनुमति नहीं है और पुलिस से तस्दीक़ नहीं कराने के आरोप हैं.

गिरफ़्तार किए गए लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं. इन सभी लोगों को उस वक्त गिरफ़्तार किया गया जब ये अपनी भारत यात्रा पूरी करके थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान वापिस लौट रहे थे.

पुलिस के अनुसार जब इन लोगों के वीज़ा काग़ज़ातों को जाँचा गया तो इनमें गड़बड़ियाँ पाई गईं.

बाड़मेर के थानाधिकारी रामनारायण का कहना है, “इन लोगों को वीज़ा दस्तावेज़ों में कांट-छांट करने और विदेशी नागरिक क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया गया है.”

पकड़े गए ज़्यादातर लोगों को न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया है. जबकि, शनिवार को गिरफ़्तार किए गए चारों लोगों से पुलिस अभी पूछताछ कर रही है.

सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिन्दू सिंह सोधा का कहना है, “दोनों देशों को वीज़ा नियम अधिक सरल करने चाहिए. इसके लिए राजस्थान और सिंध में वीज़ा कार्यालय खोले जाने चाहिए ताकि लोग एजेंटों के चक्कर में न फंसे.”