मंगलवार, 06 मई, 2008 को 18:07 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सुरक्षा समझौते पर आगे बढ़ने के लिए वामदलों को मनाने में यूपीए को सफलता नहीं मिल सकी है.
लेकिन दोनों पक्ष इस बात के लिए राज़ी हो गए हैं कि वे 28 मई को फिर से बैठक करेंगे.
भारत अमरीका परमाणु समझौते पर यूपीए और वाम दलों की समन्वय समिति की आठवीं बैठक मंगलवार को दिल्ली में हुई.
इस बैठक में आईएईए और भारत के बीच सुरक्षा समझौते को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
आईएईए के साथ सुरक्षा समझौता भारत-अमरीका परमाणु समझौते की ओर एक और क़दम होगा.
वामदल अमरीका के साथ परमाणु समझौते के ख़िलाफ़ हैं और वे चाहते हैं कि आईएईए के साथ सुरक्षा समझौते से पहले सभी पहलू पर विस्तार से जानकारी देकर उन्हें आश्वस्त किया जाए.
सहमति नहीं
आईएईए के साथ भारत की बातचीत के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाने के लिए यह बैठक बुलवाई गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वामदलों ने परमाणु ईंधन की अबाध आपूर्ति, पूर्ण असैनिक परमाणु सहयोग और हाइड एक्ट का भारत की विदेश और सुरक्षा नीति पर असर जैसे कई मुद्दों पर यूपीए सरकार से स्पष्टीकरण माँगा.
यूपीए सरकार की ओर से वामदलों को जवाब दे दिया गया है लेकिन उन्होंने कुछ और बिंदुओं पर स्पष्टीकरण की माँग की है.
ज़ाहिर है कि इस बैठक में आईएईए के साथ सुरक्षा समझौते पर कोई निर्णय नहीं हो सका है.
बैठक के बाद समन्वय समिति के प्रमुख प्रणव मुखर्जी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी की उपस्थिति में कहा, "इस मसले पर हमारी चर्चा 28 मई को होने वाली बैठक में आगे होगी."
बैठक में मौजूद फ़ॉर्वर्ड ब्लॉक के नेता देबब्रत बिश्वास ने कहा, "सरकार चाहती थी कि हम आईएईए के साथ समझौते को मंज़ूरी दे दें लेकिन हमने इस विषय पर कुछ और स्पष्टीकरण की माँग की है."
वामदलों के नेताओं ने कहा है कि 28 मई को होने वाली बैठक के लिए अपनी तैयारी और रणनीति तय करने के लिए वामदलों की एक बैठक 23 मई को होगी.