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महिला आरक्षण विधेयक की फिर तैयारी

केंद्र सरकार महिला आरक्षण विधेयक संसद के मौजूदा सत्र में लाने की तैयारी कर रही है.

ख़बरें हैं कि इस पर सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस पर विचार किया जाएगा.

दरअसर ये ख़बर मीडिया में तब आई जब सीपीआई महासचिव एबी बर्धन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सलवा जुडूम के सिलसिले में मिले.

एबी बर्धन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जब उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के बारे में पूछा तो प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि ये विधेयक संसद के मौजूदा सत्र में लाया जा रहा है और इस पर विचार के लिए सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है.

ग़ौरतलब है कि संसद का मौजूदा सत्र नौ मई को समाप्त हो रहा है.

कांग्रेस, भाजपा और वामपंथी दल इस विधेयक के समर्थन में हैं. लेकिन जनता दल-यू, राष्ट्रीय जनता दल और समाजवादी पार्टी इसके विरोध में रहे हैं.

समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल का कहना है कि इस विधेयक में पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं है.

विरोध

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रमुख घटक दल जद-यू अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि मौजूदा विधेयक सिर्फ़ शहरी महिलाओं के लिए है.

समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह भी साफ़ कर चुके हैं कि पिछड़ी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था हुए बगैर ये विधेयक उनकी पार्टी को मान्य नहीं होगा.

ग्यारहवीं लोकसभा में पहली बार विधेयक पेश हुआ था तो उस समय उसकी प्रतियां फाड़ी गई थीं.

इसके बाद 13वीं लोकसभा में भी तीन बार विधेयक पेश करने का प्रयास हुआ, लेकिन हर बार हंगामे और विरोध के कारण ये पेश नहीं हो सका था.

ग़ौरतलब है कि महिला आरक्षण विधेयक में संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित किए जाने की व्यवस्था है.

महिला आरक्षण विधेयक एक संविधान संशोधन विधेयक है और इसलिए इसे दो तिहाई बहुमत से पारित किया जाना ज़रूरी है.