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सोमवार, 05 मई, 2008 को 02:22 GMT तक के समाचार

संयुक्त राष्ट्र की सहायता की पेशकश

बर्मा में तैनात संयुक्त राष्ट्र सहायताकर्मियों का कहना है कि वे तूफ़ान से प्रभावित इलाक़ों में सहायता भेजने के लिए तैयार हैं.

लेकिन अभी तक बर्मा के सैन्य अधिकारियों ने तूफ़ान से प्रभावित इलाक़ों में उन्हें मदद की अनुमति नहीं दी है.

बर्मा के अधिकारियों का कहना है कि वहाँ आए चक्रवाती तूफ़ान ने 350 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली है.

बर्मी के सरकारी टीवी का कहना है कि शनिवार को आए इस भीषण तूफ़ान ने इरावदी टापू वाले इलाके को बुरी तरह से प्रभावित किया है.

तबाही का आकलन इसी से किया जा सकता है कि हर चार में से तीन घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

सरकार ने इरावदी और चार अन्य इलाक़ों को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है. इनमें रंगून भी शामिल है.

ख़बरें आ रही हैं कि इस तूफ़ान में हज़ारों घरों को या तो क्षति पहुंची है या फिर वे ध्वस्त हो गए हैं.

रंगून से एक नागरिक ने बीबीसी को बताया कि तूफ़ान के बाद से ही बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है और अभी तक पीने के पानी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.

टेलीफ़ोन लाइनें ठप्प गई हैं. सड़कों पर कई पेड़ गिरे हुए हैं इसलिए यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

'नर्गिस की तबाही'

पूरा शहर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया लगता है. लगभग 190 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आए तूफ़ान 'नर्गिस' ने इरावदी, रंगून, बागो, कारेन और मोन क्षेत्र में भीषण तबाही मचाई है.

अधिकारियों का कहना है कि अभी तक 350 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. इनमें से 109 लोग दक्षिण-पश्चिमी हैंग गी द्वीप पर मारे गए हैं.

सिर्फ़ इसी द्वीप पर बीस हज़ार घर तबाह हो चुके हैं और 90 हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं.

राहत और बचाव कार्यों में सेना और पुलिस को लगाया गया है.

सरकारी टेलीविज़न के मुताबिक़ इरावदी के लबूटा शहर में 75 फ़ीसदी घरों को नुक़सान पहुँचा है. अनेक घरों की छते उड़ गईं.

नर्गिस ने अब थाईलैंड का रुख़ किया है जहाँ चेतावनी जारी कर दी गई है. हालाँकि इसकी गति घट गई है.

संवाददाताओं का कहना है कि इस चक्रवात के कारण जो नुक़सान हुआ है उसका सही अनुमान लगा पाने में अभी कई दिनों का वक्त लग सकता है.

रंगून में इंटरनेट और टेलीफ़ोन सेवा ठप हो जाने के कारण तूफ़ान से हुई तबाही की सही तस्वीर सामने नहीं आ पा रही है.

आधिकारिक मीडिया के अनुसार रंगून बंदरगाह पर चार मालवाहक पोत डूब गए हैं और चार लोग मारे गए.