रविवार, 04 मई, 2008 को 11:01 GMT तक के समाचार
बर्मा के सरकारी टेलीविज़न के हवाले से बताया गया है कि वहाँ आए चक्रवाती तूफ़ान ने 350 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली है.
शनिवार को आए इस भीषण तूफ़ान ने इरावदी टापू वाले इलाके को बुरी तरह से प्रभावित किया है.
तबाही का आकलन इसी से किया जा सकता है कि हर चार में से तीन घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
सरकार ने इरावदी और चार अन्य इलाक़ों को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है. इनमें रंगून भी शामिल है.
ख़बरें आ रही हैं कि इस तूफ़ान में हज़ारों घरों को या तो क्षति पहुंची है या फिर वे ध्वस्त हो गए हैं.
रंगून से एक नागरिक ने बीबीसी को बताया कि तूफ़ान के बाद से ही बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है और अभी तक पीने के पानी की उपलब्धता भी तय नहीं हो पा रही है.
टेलीफ़ोन लाइनें बैठ गई हैं. सड़कों पर कई पेड़ गिरे हुए हैं इसलिए यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.
तबाही
पूरा शहर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया लगता है. लगभग 190 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आए तूफ़ान 'नर्गिस' ने इरावदी, रंगून, बागो, कारेन और मोन क्षेत्र में भीषण तबाही मचाई है.
अधिकारियों का कहना है कि अभी तक 351 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. इनमें से 109 लोग दक्षिण-पश्चिमी हैंग गी द्वीप पर मारे गए हैं.
सिर्फ़ इसी द्वीप पर बीस हज़ार घर तबाह हो चुके हैं और 90 हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं.
राहत और बचाव कार्यों में सेना और पुलिस को लगाया गया है. सरकारी टेलीविज़न के मुताबिक इरावदी के लबूटा शहर में 75 फ़ीसदी घरों को नुकसान पहुँचा है. बीस फ़ीसदी घरों के छत पत्ते की तरह तूफ़ान में उड़ गए.
नर्गिस ने अब थाईलैंड का रुख़ किया है जहाँ चेतावनी जारी कर दी गई है. हालाँकि इसकी गति घट गई है.
तूफ़ान की वजह से खाद्यान्न के दामों में दोगुने तक की बढ़ोत्तरी हो गई है.
संवाददाताओं का कहना है कि इस चक्रवात के कारण जो नुकसान हुआ है उसका सही अनुमान लगा पाने में अभी कई दिनों का वक्त लग सकता है.
विस्तृत जानकारी का अभाव
रंगून में इंटरनेट और टेलीफ़ोन सेवा ठप हो जाने के कारण तूफ़ान से हुई तबाही की सही तस्वीर सामने नहीं आ पा रही है.
आधिकारिक मीडिया के अनुसार रंगून बंदरगाह पर चार मालवाहक पोत डूब गए हैं और चार लोग मारे गए.
रंगून के एक निवासी ने बताया, सभी चीजें ध्वस्त हो गईं. देखते ही देखते घर की छत गायब थी.
थाईलैंड स्थित संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के अधिकारी एंथोनी क्रेग का कहना है कि रंगून में जिस तरह पक्के मकानों को क्षति पहुंची है, उसे देखते हुए लगता है कि अंदरुनी इलाक़ों में कहीं अधिक नुकसान हुआ होगा.