शनिवार, 03 मई, 2008 को 03:57 GMT तक के समाचार
अमरनाथ तिवारी
पटना
बिहार के एक विधायक ने अपने लिए दुल्हन तलाश करने के लिए अख़बार में वैवाहिक विज्ञापन प्रकाशित करवाया है.
26 साल के विजय कुमार सिंह को अपने लिए एक ख़ूबसूरत पत्नी चाहिए जिसके पास बिज़नेस मैनेजमेंट की डिग्री हो या क़ानून की या फिर पत्रकारिता की.
सुरुचिपूर्ण ढंग से कपड़े पहनने वाले विजय कुमार सिंह का दावा है कि वे एक अच्छे 'वर' हैं. हालांकि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और वे माओवादी विद्रोहियों की हिटलिस्ट में भी हैं.
हालांकि वैवाहिक विज्ञापनों के ज़रिए वर या वधु तलाशना भारत के लिए कोई नया नहीं है लेकिन एक विधायक का इस तरह वधु तलाश करना ज़रुर कुछ दुर्लभ सा है.
पारिवारिक मामला
बिहार की राजधानी पटना से 150 किलोमीटर दूर नबीनगर विधानसभा से चुने गए विजय कुमार सिंह का अपने क्षेत्र में अच्छा दबदबा है.
औरंगाबाद ज़िले के निवासी विजय कुमार ने इसी हफ़्ते की शुरुआत में टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक वैवाहिक विज्ञापन प्रकाशित करवाया है जिसमें उनका फ़ोन नंबर और उनका ई-मेल का पता है.
उनका कहना है कि वे अलग कुछ नहीं कर रहे हैं और सिर्फ़ भाई और बहन के नक्शेक़दम पर चल रहे हैं. उन दोनों ने भी इसी तरह के विज्ञापन के ज़रिए विवाह किया है और उन्हें लगता है कि इससे चुनाव का विकल्प व्यापक हो सकता है.
वे कहते हैं, "मैंने देखा कि हमारे परिवार में वैवाहिक विज्ञापनों के ज़रिए काफ़ी सफल है इसलिए मुझे लगा कि मुझे भी ऐसा ही करना चाहिए."
पढ़ी लिखी लड़की तलाश करने की ज़रुरत को वे समझाते हैं, "मैं पढ़ाई लिखाई के महत्व को समझता हूँ क्योंकि एक पढ़ी-लिखी लड़की ही उन समस्याओं को समझ सकती है जो राजनीति में हमारे सामने आती है."
वे कहते हैं, "एमबीए लड़की मेरे व्यावसाय में हाथ बँटा सकती है, क़ानून डिग्री वाली मेरे ख़िलाफ़ लगाए गए झूठे मामलों से निपटने में मेरी सहायता करेगी और पत्रकारिता की डिग्री वाली मीडिया से तालमेल बिठाने में मेरे साथ होगी."
'प्रतिष्ठा'
विजय कुमार सिंह को महँगे कपड़े पहनने का शौक है. हाल ही में एक हाथकरघा वस्त्रों के एक फ़ैशन शो में वे मॉडलिंग भी कर चुके हैं.
यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी शादी के लिए कितने रिश्ते आते हैं क्योंकि वे ख़ुद और उनका परिवार माओवादियों की हिट लिस्ट में है.
इसी महीने की शुरुआत में सैकड़ों माओवादियों ने उनके घर पर हमला कर दिया था. उन्होंने मोटर गाड़ियों को आग लगा दी और उनके घर पर काम करने वाले चार लोगों को अगुवा कर ले गए.
इसके बारे में वे कहते हैं, "माओवादियों से हमारी सैद्धांतिक लड़ाई है. हम उन्हें रुपए ऐंठने नहीं देते तो वे हम पर हमला करते हैं."
एक और मसला है जिससे उन्हें अच्छा रिश्ता मिलने में कठिनाई हो सकती है और वो यह है कि राजनीतिज्ञों की छवि बिहार में अच्छी नहीं है.
बिहार के आधे राजनीतिज्ञों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उनमें ख़ुद विजय कुमार सिंह शामिल हैं.
हालांकि वे कहते हैं कि यह कोई समस्या नहीं है.
वे कहते हैं, "मैं एक योग्य कुँवारा लड़का हूँ जिसकी आय परिवार चलाने के लिए पर्याप्त है और मेरी समाज में एक प्रतिष्ठा है."
उनका कहना है, "मैं कभी किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं रहा. मेरे ख़िलाफ़ दो आपराधिक मामले हैं लेकिन वो दोनों ही राजनीति से प्रेरित हैं."