गुरुवार, 01 मई, 2008 को 13:17 GMT तक के समाचार
एजाज़ मेहर
बीबीसी संवाददाता, दुबई से
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि निलंबित जजों की बहाली पर उनके और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ़ अली ज़रदारी के बीच सहमति हो गई है.
नवाज़ शरीफ़ के मुताबिक़ बातचीत सकारात्मक रही है. पत्रकारों से बातचीत में नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि जजों की बहाली पर समझौता हो गया है.
लेकिन बातचीत का ब्यौरा शुक्रवार को लाहौर में एक प्रेस कॉन्फ़्रेस में दिया जाएगा. ये भी जानकारी दी जाएगी कि इन जजों की बहाली कैसे की जाएगी.
पिछले दो दिनों से दोनों नेता इस मुद्दे पर दुबई में बातचीत कर रहे थे. नवाज़ शरीफ़ ने कहा, "ये फ़ैसला हुआ है कि जजों की बहाली मरी घोषणापत्र के तहत ही होगी."
पिछले साल राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने देश में आपातकाल लगाते हुए मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी सहित कई जजों को बर्ख़ास्त कर दिया था.
कड़ा रुख़
जजों की बहाली के मुद्दे पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ ने इस मुद्दे पर काफ़ी कड़ा रुख़ अपनाया हुआ था. इस मुद्दे पर मौजूदा गठबंधन पर भी संकट के बादल मँडराने लगे थे.
दुबई में दो दिनों तक चली बातचीत के बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी ने पत्रकारों से बातचीत नहीं की.
गठबंधन सरकार बनाने से पहले दोनों दलों में यह सहमति थी कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने जिन जजों को निलंबित कर दिया था उन्हें बहाल किया जाए.
दुबई रवाना होने से पहले नवाज़ शरीफ़ ने कहा था कि वे गठबंधन को क़ायम रखने के पक्ष में हैं लेकिन उन्होंने कहा था अगर जजों की बहाली नहीं हुई तो 'पाकिस्तान और लोकतंत्र पर इसका बुरा असर' पड़ेगा.
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व में सत्तारूढ़ गठबंधन को नवाज़ की पार्टी पीएमएल (एन) का समर्थन हासिल है.
नवाज़ शरीफ़ का कहना है कि सरकार गठन के लिए जो गठबंधन बना था उसके पीछे जिन कामों को तुरंत किया जाना तय किया गया था, जजों की बहाली उसमें से एक था.
पिछले साल राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने क़रीब 60 जजों को निलंबित कर दिया था. इनमें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी भी शामिल थे.