गुरुवार, 01 मई, 2008 को 13:45 GMT तक के समाचार
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने 32 सांसदों के 'आपत्तिजनक आचरण' की जाँच के लिए ये मामले विशेषाधिकार समिति को भेज दिए हैं. इन सांसदों में अधिकतर विपक्ष के सांसद हैं.
चटर्जी ने यह असाधारण कदम 24 अप्रैल को लोकसभा में विपक्षी सदस्यों की ओर से किए गए हंगामे के बाद उठाया है. विपक्ष ने उस दिन लोकसभा में महंगाई के मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाया था और अध्यक्ष के आसन के पास जाकर नारेबाजी की थी.
उस दिन बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने में सरकार पर असफलता का आरोप लगाकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सदस्यों ने संसद परिसर में 'मानव श्रृंखला' बनाई थी.
लोकसभा अध्यक्ष ने जिन सांसदों के मामले संसद की विशेषाधिकार समिति के पास भेजे हैं उनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज़ हुसैन, पीएस गढ़वी, किशन सिंह सांगवान, एमए खारबेला और किरण माहेश्वरी के नाम शामिल हैं.
सोमनाथ चटर्जी ने इन मामलों को विशेषाधिकार समिति के समक्ष रखा क्योंकि गुरुवार को भी सदन में शून्यकाल के दौरान शोर-शराबा हुआ था. चटर्जी का कहना था कि शून्यकाल 'यातना काल' में बदल गया था.
पहली बार इतना कड़ा निर्णय
समाजवादी पार्टी के सदस्यों से नाराज़ होकर उन्होंने एक बार कहा था कि वे अध्यक्ष की कुर्सी को धमकी नहीं दे सकते हैं.
24 अप्रैल को ही बसपा के ब्रजेश पाठक ने इस्पात एवं रसायन मंत्री रामविलास पासवान को अपने ही सवाल का उत्तर नहीं देने दिया था. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा था.
यह पहली बार है कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों के व्यवहार से आहत होकर इस तरह का कड़ा निर्णय लिया है.
इस कार्रवाई से उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सदन की गरिमा किसी भी हालत में बरक़रार रखी जाए.
सांसदों की सूची में शिवसेना के चंद्रकांत खायरे, कल्पना रमेश नरहरि, शिरोमणि अकाली दल के रत्न सिंह अजनाला, सुखदेव सिंह लिब्रा, बीजू जनता दल के टाथागत सतपथी और बसपा के ब्रजेश पाठक के नाम भी शामिल हैं.
इनके अलावा इस लिस्ट में महावीर भागोरा, अशोक प्रधान, नंद कुमार साय, श्रीचंद कृपलानी, बिजयेंद्र पाल सिंह, गणेश सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते, भंवर सिंह डाँगवास,विरेंद्र कुमार, राम सिंह कासवान, सुभाष माहारिया, सुशीला लक्ष्मण बंगारु, धर्मेंद्र प्रधान, रामस्वरूप कोली, सुखदेव पासवान, रामकृष्ण कुसमारिया, करुणा शुक्ल और नंद कुमार सिंह चौहान के नाम शामिल हैं. ये सभी सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं.