महँगाई को लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ भाजपा शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल करने जा रही है.
इस दौरान देश भर में व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखे जाएंगे. लेकिन यातायात और अन्य आवश्यक सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है.
भाजपा का कहना है कि इस दौरान परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं में बाधा नहीं डाली जाएगी.
भाजपा कार्यकर्ता जगह-जगह धरना-प्रदर्शन करेंगे और मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
ये हड़ताल केवल भाजपा की ही होगी और इसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दल शामिल नहीं होंगे.
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने पत्रकारों से बातचीत में सफ़ाई दी कि एनडीए के सभी सांसदों ने संसद में मिलकर मानव श्रृँखला बनाई थी और वे इस मुद्दे पर एक साथ हैं. लेकिन देशव्यापी हड़ताल एनडीए का कार्यक्रम नहीं है.
उनका कहना था कि ये हड़ताल जनता के लिए है, इसलिए उसे कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी.
आवश्यक सेवाएँ बाहर
जावड़ेकर का कहना था कि हड़ताल के दौरान केवल व्यापारिक प्रतिष्ठान व दुकानें ही बंद रहेंगी.
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आम आदमी को राशन दुकान से सस्ती दर में राशन मुहैया कराया जाए, साथ ही पेट्रोल और डीजल पर कर कम किए जाएं.
ग़ौरतलब है कि पिछले दो महीनों में रोज़मर्रा की ज़रूरतों के सामानों में हुई मूल्य-वृद्धि ने सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं.
ख़ुद यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने भी बढ़ती महँगाई को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि सरकार को इसका राजनीतिक ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है.
हालांकि इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाजपा और वामपंथी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा था कि विपक्ष महँगाई की आड़ में आम लोगों की परेशानियों पर राजनीति न करे.