बुधवार, 30 अप्रैल, 2008 को 13:57 GMT तक के समाचार
हफ़ीज़ चाचड़
पाकिस्तान से
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि उन की सरकार भारत के साथ शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की इच्छा रखती है और कश्मीर का मुद्दा भी बातचीत के ज़रिए ही हल किया जाएगा.
प्राधानमंत्री बनने के बाद यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने बुधवार को पहली बार पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर का दौरा किया है. प्राधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी जब कश्मीर पहुँचे तो वहाँ के राष्ट्रपति राजा ज़ुल्करनैंन ख़ान और प्रधानमंत्री सरदार अतीक़ अहमद ने उन का स्वागत किया.
प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय एसेंबली में अपने पहले संबोधन में सरकार की कश्मीर नीति स्पष्ट कर दी थी.
उन्होंने कहा, “हम भारत के साथ शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाएँगे और बातचीत के ज़रिए कश्मीर के मुद्दे का हल निकालेंगे.”
गिलानी का कहना था कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में अपने पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंध रखना चाहता है और दक्षिण एशिया क्षेत्र में शांत माहौल देखना चाहता है और इन पड़ोसी देशों में भारत भी शामिल है.
यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि शांति और स्थिरता दक्षिण एशिया के एक अरब और 30 करोड़ इंसानों की ख़ुशहाली के लिए ज़रूरी है.
उन्होंने कहा, “दुनिया भर में समस्याओँ के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता ही अपनाया जा रहा है, यह अच्छी बात है और हमारा इस पर पुख़्ता ईमान है.”
युद्धविराम पर अमल
गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान ने नवंबर 2003 में कश्मीर में युद्धविराम की घोषणा की थी जिस पर आज भी अमल हो रहा है.
उन्होंने ने ख़ुशी का इज़हार करते हुए कहा कि कश्मीरियों को एक दूसरे के साथ मिलने के लिए श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा शुरू की गई और नियंत्रण रेखा पर कुछ ऐसे स्थान खोले गए हैं जिनसे लोग आ-जा सकते हैं.
उन्होंने कहा, “इन क़दमों के साथ-साथ हमारी सरकार यह भी चाहती है कि दोनों हिस्सों के बीच व्यापार और पर्यटन को भी आगे बढ़ाया जाए.”
प्रधानमंत्री ने भारत से कहा कि जम्मू और कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन न किया जाए और वहाँ शांति और स्थिरता स्थापित की जाए.
उन्होंने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत के साथ बातचीत पर ज़ोर दिया और उम्मीद जताई कि भारत के साथ निर्णायक बातचीत का अमल जल्द शुरू हो जाएगा.
यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा, “हमारी शहीद नेता मोहतरमा बेनज़ीर भुट्टो ने हमेशा भारत के साथ बहतर रिश्ते क़ायम करने की भरपूर वकालत की."
प्राधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अक्तूबर 2005 में आए भूकंप के पीड़ितों के लिए मुआवज़े का एलान करते हुए निर्माण के काम को तेज़ करने पर ज़ोर दिया.
प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के साथ कश्मीर मामलों के मंत्री क़मर ज़माँ कायरा भी पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के दौरे पर थे.